21 जुलाई को टीएमसी की शहीद दिवस रैली के दौरान, अभिषेक बनर्जी ने घोषणा की थी कि पार्टी मनरेगा के तहत केंद्र सरकार द्वारा धन को कथित रूप से अवरुद्ध करने के खिलाफ 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
पश्चिम बंगाल में मनरेगा के लाभ से वंचित लोगों के लिए अगले महीने तृणमूल कांग्रेस का नई दिल्ली में बहुप्रचारित विरोध प्रदर्शन होना है, लेकिन इससे पहले पार्टी पीएम मोदी को इस योजना के लाभ से छूटे 50 लाख से अधिक लोगों के पत्र भेजेगी।
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पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और ग्रामीण आवास योजना के तहत बंगाल का 15 हजार करोड़ रुपये बकाया रोकने का आरोप लगाया है। टीएमसी केंद्रीय पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह को पत्र भेजेगी।
केंद्र के अन्याय के खिलाफ एकजुट है टीएमसी
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक्स,पर कहा, "पश्चिम बंगाल केंद्र सरकार के अन्याय के खिलाफ एकजुट है, जो हमारा अधिकार है उस पर दावा करने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकतंत्र में लोगों की शक्ति सर्वोच्च है।" पार्टी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर कहा, "बंगाल के लोग "अन्याय" के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और जिन लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपना वाजिब हक मांगा है।"
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बता दें कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और टीएमसी सांसद, विधायक और जिलों के नेता 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर राष्ट्रीय राजधानी के राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 23 सितंबर को कहा था कि टीएमसी का एक प्रतिनिधिमंडल 3 अक्टूबर को सिंह से मिलेगा और उनके सामने मनरेगा के तहत बकाया जारी न करने का मुद्दा रखेगा।
भाजपा ने आरोप बताए निराधार
राज्य में सत्तारूढ़ दल ने दावा किया था कि दिल्ली पुलिस से कई अनुरोधों के बावजूद, उसे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। टीएमसी ने 30 अगस्त को कहा था कि उसे नई दिल्ली में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बंगाल की आवाज को कुचलना चाहती थी। वहीं, इस आरोप को भगवा खेमे ने निराधार करार दिया।