पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने आरजी कर केस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि, राज्य सरकार अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रही है और राजभवन संवैधानिक रूप से आरजी कर गतिरोध में हस्तक्षेप कर रहा है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार नागरिकों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा करने के अपने मूल कर्तव्यों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि उनका कार्यालय (राजभवन) संविधान के प्रावधानों के तहत आरजी कर गतिरोध में पहले से ही हस्तक्षेप कर रहा है।
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'गिरफ्तारियों से कई क्षेत्रों में व्याप्त संस्थागत अपराध का खुलासा'
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दुष्कर्म-हत्या की घटना के बाद चल रहे गतिरोध पर नाराजगी व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने सीवी आनंद बोस ने कहा कि मामले में एक पुलिस अधिकारी और एक वरिष्ठ डॉक्टर की गिरफ्तारी ने फिर से कई क्षेत्रों में व्याप्त संस्थागत अपराध की ओर इशारा किया है।
'सरकार अपने मूल कर्तव्यों को पूरा करने में विफल रही'
इस मामले में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य में चल रहे गतिरोध पर एक समाचार एजेंसी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, राज्य सरकार, खासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह कर्तव्य है कि वे नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करें। यहां सरकार अपने मूल कर्तव्यों को पूरा करने में विफल रही है। इसकी जिम्मेदारी किसे लेनी चाहिए? अगर मुख्यमंत्री ही प्रशासन की मुखिया हैं, तो इसका जवाब खुद उनके पास ही है।
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'राजभवन संविधान में दिए गए प्रावधानों के तहत कर रहा हस्तक्षेप'
इस मामले में उनके कार्यालय के हस्तक्षेप करने के सवाल पर राज्यपाल बोस ने कहा, राजभवन हस्तक्षेप कर रहा है और उसे ऐसा करने से नहीं रोका जा सकता, क्योंकि राजभवन भारत के संविधान में दिए गए प्रावधानों के तहत हस्तक्षेप करता है।
बता दें कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ 8-9 अगस्त की दरमियानी रात दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। मृतका मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थी। 9 अगस्त की सुबह मेडिकल कॉलेज में चौथी मंजिल पर बने सेमिनार हॉल में डॉक्टर का अर्धनग्न अवस्था में शव मिला था।