नादिया जिले में एक सरकारी अस्पताल में गार्डों ने पश्चिम बंगाल सरकार के डिप्टी मजिस्ट्रेट रैंक के एक अधिकारी पर कथित तौर पर हमला किया। इस हमले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित अधिकारी का आरोप है कि पहचान बताने के बावजूद उन हमला किया गया और उनका पहचान पत्र भी छीन लिया गया।
उत्तर 24 परगना जिले के विधाननगर उपखंड के डिप्टी मजिस्ट्रेट और डिप्टी कलेक्टर सुशांत कुमार बाला ने दावा किया कि शनिवार सुबह उन्हें और उनके भाई प्रशांत बाला को अस्पताल में पीटा गया। चिकित्सा प्रतिष्ठान के एक वार्ड में प्रवेश करने को लेकर हुए विवाद के बाद डिप्टी मजिस्ट्रेट रैंक के पश्चिम बंगाल सरकार के एक अधिकारी पर शनिवार को नादिया जिले में एक सरकारी अस्पताल में गार्डों ने कथित तौर पर हमला किया। कल्याणी गांधी मेमोरियल अस्पताल के अधिकारियों ने दावा किया कि अधिकारी और उनके परिवार के एक सदस्य ने विजिटिंग आवर के बाद एक मरीज से मिलने की कोशिश की थी। इस घटना में शामिल लोग चिकित्सा प्रतिष्ठान द्वारा अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए सुरक्षा गार्ड थे। इस घटना में अस्पताल का कोई भी कर्मचारी शामिल नहीं था।
पीड़ित ने बताया, "मैं अपने एक भाई प्रशांत के साथ दूसरे भाई अखिल से मिलने अस्पताल गया था। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा था। प्रशांत पर कुछ कर्मचारियों ने तब हमला किया, जब वह मरीज के लिए खाना लेकर वार्ड में घुसने की कोशिश कर रहा था। यह देखकर मैं उसके सहायक के पास पहुंचा तो मुझ पर भी हमला किया गया।" सरकारी अधिकारी ने यह भी दावा किया कि आरोपी लोगों ने उसकी पहचान बताने के बावजूद उसे पीटना जारी रखा।
उन्होंने बताया कि हमलावर ने मेरा सरकारी पहचान पत्र छीन लिया और मेरा चश्मा तोड़ दिया। मुझे दबोच लिया गया और कोई भी व्यक्ति हमें बचाने नहीं आया। उन्होंने बताया कि मुझे नहीं पता कि इन लोगों ने हमें क्यों पीटा।" अधिकारी की दाहिनी आंख के नीचे कट लगने पर तीन टांके लगे हैं साथ ही छाती पर भी चोटें लगी थीं। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए चौंकाने वाला था। मैं खुद को अपमानित महसूस कर रहा हूं।"
नाम न बताने की शर्त पर अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हमले में अस्पताल के किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी पर हमला करने वाले लोग अस्पताल के सुरक्षा गार्ड थे। उन्होंने यह भी कहा, "मेरे कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार बाला और उसका भाई निर्धारित समय पर ही अस्पताल आए थे। सुरक्षा गार्ड पूर्व सैनिक हैं, जिन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय के बाद किसी भी आगंतुक को आने की अनुमति न दें। इसलिए इस घटना में अस्पताल का कोई भी कर्मचारी शामिल नहीं था।"
पुलिस ने बताया कि मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के कुछ वीडियो ग्रैब एकत्र किए हैं। इसकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से बात करने की कोशिश में लगी हुई है। रानाघाट पुलिस जिले के एक अधिकारी ने बताया कि हमले में कथित संलिप्तता के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।