वायनाड के भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मुंडक्कई, पुंचिरीमट्टम और चूरलमाला में छठे दिन भी तलाशी अभियान जारी है। टास्क फोर्स निरीक्षण के लिए सात प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस बीच, मिट्टी के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए सेना के नेतृत्व में रडार-आधारित खोज अभियान शुरू हो गया है। वहीं, भूस्खलन के चलते एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता हैं। जिला प्रशासन द्वारा वायनाड भूस्खलन में जान गंवाने वाले अज्ञात लोगों के शवों को सामूहिक रूप से दफनाने की प्रक्रिया चल रही है।
30 जुलाई को हुए भूस्खलन में चूरलमाला के 42 वर्षीय निवासी मंसूर ने अपने परिवार के 16 सदस्यों को खो दिया, जिनमें उसकी मांग, पत्नी, दो बच्चे, बहन और उसकी भाभी के परिवार के 11 सदस्य शामिल थे। भूस्खलन ने उसकी पूरी दुनिया को बहा दिया। मंसूर ने नम आंखों से बताया कि अब उसके पास कुछ नहीं बचा है। भूस्खलन में मेरा परिवार, मेरा घर, सब कुछ खत्म हो गया।
मंसूर ने बताया कि उसकी जान इसलिए बच गई, क्योंकि वह त्रासदी के दिन काम के सिलसिले में बाहर गया था। उसने भारी मन से बताया कि अभी तक उसे अपनी बेटी का शव नहीं मिला है। मेरी पत्नी, बेटा, बहन और मेरी मां का ही शव मिला है। मंसूर के भाई नासिर ने बताया कि परिवार के 12 सदस्यों का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई के परिवार सहित क्षेत्र के निवासियों को घटना से पहले अधिकारियों से कोई चेतावनी नहीं मिली थी।
केरल के एलओपी वीडी सतीसन ने कहा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के सभी विधायकों ने सीएम आपदा राहत कोष में एक महीने का वेतन देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हम पुनर्वास प्रक्रिया के लिए अपना अधिकतम प्रयास करेंगे और सरकार के साथ सहयोग करेंगे।
वायनाड में बचाव अभियान पर केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने कहा, प्राथमिकता लोगों को बचाना और उन सभी को प्रारंभिक सहायता प्रदान करना है। न केवल शारीरिक, बल्कि इस आघात के कारण परामर्श की भी आवश्यकता है। कई लोगों को गंभीर मानसिक आघात का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को खो दिया। मुख्यमंत्री ने कल सभी सुविधाओं के साथ एक टाउनशिप के निर्माण के बारे में कुछ विचार दिए, लेकिन हमें भविष्य की कार्रवाई के लिए इन पहलुओं का अध्ययन करना होगा। जो लोग प्रभावित हैं, उन्हें जीवन के सभी क्षेत्रों से, राज्य और राष्ट्रीय स्तर से बहुत समर्थन मिल रहा है। केंद्र सरकार भी उचित कदम उठाएगी, जिसके लिए व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।