देश भर के कुल 150 प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध पानी घटकर उनकी कुल भंडारण क्षमता का महज 20 प्रतिशत रह गया है। पिछले दो सप्ताह से जलाशय अपनी कुल भंडारण क्षमता के 21 प्रतिशत पर थे और उससे पहले के सप्ताह में यह 22 प्रतिशत था। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में देश के प्रमुख जलाशयों में भंडारण स्तर में उल्लेखनीय गिरावट के बारे में जानकारी दी है।
सीडब्ल्यूसी के मुताबिक, इन जलाशयों में अभी उपलब्ध जल का कुल भंडारण 36.368 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है। यह इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का केवल 20 प्रतिशत है। यह बीते साल इस समान अवधि में दर्ज किए गए 46.369 बीसीएम से बेहद कम है। यह पानी 42.645 बीसीएम के सामान्य भंडारण से भी कम है। दरअसल, इन जलाशयों की कुल जल संग्रहण क्षमता 178.784 बीसीएम है। यह देश में अनुमानित कुल संग्रहण क्षमता 257.812 बीसीएम का लगभग 69.35 प्रतिशत है।
उत्तरी क्षेत्र के 10 जलाशयों में भी क्षमता से कम है जल
हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान वाले उत्तरी क्षेत्र के 10 जलाशयों में कुल संग्रहण क्षमता 19.663 बीसीएम है। मौजूदा वक्त में यह जल संग्रहण स्तर 5.239 बीसीएम यानी इनकी क्षमता का महज 27 प्रतिशत है।
पूर्वी क्षेत्र में जल स्तर में राहत
असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नागालैंड और बिहार सहित पूर्वी क्षेत्र में 23 जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 20.430 बीसीएम है। वर्तमान संग्रहण स्तर 3.643 बीसीएम या क्षमता का 17.83 प्रतिशत है। यह जल स्तर बीते वर्ष दर्ज 17.84 प्रतिशत से थोड़ा कम है।
गुजरात और महाराष्ट्र में क्षमता का महज 20.12% जल
गुजरात और महाराष्ट्र वाले पश्चिमी क्षेत्र में 49 जलाशय हैं। इनकी कुल संग्रहण क्षमता 37.130 बीसीएम है। हालांकि, वर्तमान संग्रहण 7.471 बीसीएम या क्षमता का 20.12 प्रतिशत है।
मध्य क्षेत्र में 26 जलाशयों 24% जल संग्रह
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित मध्य क्षेत्र में 26 जलाशयों में कुल संग्रहण क्षमता 48.227 बीसीएम है। वर्तमान संग्रहण स्तर 11.693 बीसीएम मतलब क्षमता का 24 प्रतिशत है।
दक्षिणी क्षेत्र में बीते साल से 20%है कम जल
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु वाले दक्षिणी क्षेत्र में 42 जलाशयों में कुल संग्रहण क्षमता 53.334 बीसीएम है। वर्तमान संग्रहण 8.322 बीसीएम या क्षमता का 16 प्रतिशत है। यह बीते साल के 20 प्रतिशत से कम है।
नदियों में जल संग्रहण कहीं कम तो कहीं ज्यादा
सीडब्ल्यूसी के बुलेटिन में कई नदी बेसिन में जल संग्रहण का मिला जुला संकेत दिया गया है। साबरमती, तापी, नर्मदा और ब्रह्मपुत्र बेसिन में सामान्य से बेहतर जल संग्रहण देखा गया है। वहीं, गंगा, सिंधु, माही और गोदावरी बेसिन में सामान्य के करीब संग्रहण देखा गया है। हालांकि, कृष्णा, ब्राह्मणी, वैतरणी, महानदी और कावेरी सहित कई नदियों में जल भंडारण की कमी है।