आरोप है कि राजिंदर गुप्ता ने वापकोस के सीएमडी रहते हुए एक अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2019 तक आय के ज्ञात स्त्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। आईपीसी की धारा 109 और 201 के तहत गुप्ता पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत धाराए लगाई गई हैं और गुप्ता और उनकी पत्नी रीमा सिंघल को आरोपी बनाया गया है।
WAPCOS(वापकोस) के पूर्व सीएमडी राजिंदर गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उनके सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। बता दें कि राजिंदर गुप्ता के ठिकानों से सीबीआई ने 38 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की थी। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि गुप्ता के कई सहयोगियों ने नकदी के बदले डिमांड ड्राफ्ट देकर करोड़ों रुपए की संपत्ति खरीदी। गुप्ता मामले में उनके सहयोगियों की भूमिका की जांच हो रही है।
विज्ञापन
सीबीआई की विशेष अदालत में हाल ही में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस चार्जशीट में आरोप है कि राजिंदर गुप्ता ने वापकोस के सीएमडी रहते हुए एक अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2019 तक आय के ज्ञात स्त्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। आईपीसी की धारा 109 और 201 के तहत गुप्ता पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत धाराए लगाई गई हैं और गुप्ता और उनकी पत्नी रीमा सिंघल को आरोपी बनाया गया है।
राजिंदर गुप्ता और उनके बेटे गौरव सिंघल को 3 मई को गिरफ्तार किया गया था, जब उनके ठिकानों से 38 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। छापेमारी के दौरान हरियाणा अर्बन डेवलेपमेंट अथॉरिटी में पांच संपत्ति खऱीद के भी दस्तावेज बरामद हुए थे, जिनकी कीमत करीब 4.99 करोड़ रुपए है। जांच में पता चला कि गौरव सिंघल ने अपने कई सहयोगियों को नकदी मुहैया कराई और उनसे डिमांड ड्राफ्ट के जरिए कई संपत्तियों की खरीद कराई गई। अब सीबीआई इन सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।