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सीवीसी में 'सतर्कता आयुक्त' बनना चाहते हैं, तो 300 शब्दों में अपनी पहचान बताने के लिए रहें तैयार

Thu, 23 Jul 2020 05:35 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऐसे व्यक्ति, जिन्हें बीमा, बैंकिंग, विधि, सतर्कता एवं अन्वेषण सहित वित्त में विशेषज्ञता और अनुभव हो। सभी आवेदक बेदाग सत्यनिष्ठा वाले होने चाहिए। उन्हें 25 साल का अनुभव होना हो। ऐसे व्यक्ति 17 अगस्त तक अपना आवेदन डीओपीटी को भेज सकते हैं...
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central Vigilance commission - फोटो : File Photo
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विस्तार
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केंद्रीय सतर्कता आयोग में 'सतर्कता आयुक्त' बनने के लिए अगर कोई मौजूदा अधिकारी या पूर्व अधिकारी आवेदन करता है, तो उसे तीन सौ शब्दों में अपनी पहचान बतानी होगी। यानी उसने अभी तक क्या किया है, कार्य क्षमता कितनी है, कौन से क्षेत्रों में दक्ष अनुभव है और संबंधित पोस्ट पर किस तरह से काम करेंगे, आदि बातें शामिल रहेंगी।

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आवेदनकर्ता को यह जानकारी भी देनी है कि उसे कब और कौन सा सम्मान मिला है। केंद्रीय सतर्कता आयोग में अक्तूबर 2020 को सतर्कता आयुक्त का कार्यकाल पूरा होने के कारण एक पद रिक्त हो रहा है। डीओपीटी ने नए सतर्कता आयुक्त के लिए आवदेन मांगे हैं।

उनमें कहा गया है कि सतर्कता आयुक्त के पद पर नियुक्त होने वाला व्यक्ति अपनी तैनाती की तारीख से चार वर्षों की अवधि के लिए अथवा उनकी आयु 65 साल हो जाए, जो भी पहले हो, तब तक अपने पद पर रहेगा। सीवीसी अधिनियम 2003 की धारा 3 (3) के अंतर्गत सतर्कता आयुक्त के पद पर कोई ऐसा व्यक्ति नियुक्त किया जाएगा, जो अखिल भारतीय सेवा या केंद्र की अन्य किसी सिविल सेवा, संघ के अधीन सिविल पद पर रह चुका हो।
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उन्हें नीति प्रशासन सहित सतर्कता, नीति निर्माण एवं प्रशासन (पुलिस प्रशासन सहित) से संबंधित मामलों की जानकारी एवं अनुभव हो। इनके अलावा वे अधिकारी भी सतर्कता आयुक्त बनने के लिए आवेदन दे सकते हैं, जिन्होंने केंद्रीय अधिनियम के तहत या इसके द्वारा स्थापित किसी निगम में, केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी में पद धारण किया हो।

इतना ही नहीं, इस पद के लिए यह भी जरूरी है कि संबंधित अधिकारी को बीमा, बैंकिंग, विधि, सतर्कता एवं अन्वेषणों सहित वित्त में विशेषज्ञता एवं अनुभव प्राप्त हो। अधिनियम की धारा 3 (3) (क) के अधीन आने वाले व्यक्तियों के मामले में, वरीयता ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने भारत सरकार के सचिव या केंद्र सरकार के अधीन उसके समकक्ष पद पर रहे हों, को दी जाएगी।

सभी आवेदक बेदाग सत्यनिष्ठा वाले होने चाहिए

अधिनियम की धारा 3 (3) (ख) के प्रथम भाग के अधीन आने वाले व्यक्तियों के मामले में ऐसे व्यक्ति ने अनुसूची 'क' के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम में अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद धारण किया हो। बोर्ड में कम से कम तीन वर्ष के लिए पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कार्य किया हो।

ऐसे व्यक्तियों को भी बीमा, बैंकिंग, विधि, सतर्कता एवं अन्वेषण सहित वित्त में विशेषज्ञता और अनुभव हो। सभी आवेदक बेदाग सत्यनिष्ठा वाले होने चाहिए। उन्हें 25 साल का अनुभव होना हो। ऐसे व्यक्ति 17 अगस्त तक अपना आवेदन डीओपीटी को भेज सकते हैं। 

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