देश के वित्त एवं गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल चुके कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर गुस्सा क्यों आता है। उन्होंने गुरुवार सुबह अपने ट्वीट में लिखा, ईडी इस लायक है कि अब रायसीना हिल पर चार 'बड़ों' के साथ उसका एक अलग मंत्रालय बना दिया जाए। उन्होंने ईडी को 'चतुर' की संज्ञा दी।
राजस्थान में चल रहे सियासी संकट को लेकर चिदंबरम ने तंज कसते हुए कहा, यह चतुर ईडी 2007 के एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला ढूंढ लेती है। वित्त से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित ईडी को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की बात वे पहले भी कह चुके हैं। अब राजस्थान प्रकरण में ईडी की भूमिका पर पूर्व वित्त मंत्री खफा नजर आए।
चिदंबरम ने लिखा, इस मामले में अगर कांग्रेस विधायकों की मेजबानी करने वाला होटल फेयरमोंट संदिग्ध है तो मानेसर 'हरियाणा' के उस होटल का क्या हुआ, जिसने सचिन पायलट और दूसरे 18 विधायकों की मेजबानी की थी।
चिदंबरम ने राजस्थान में गहलोत सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के घर ईडी ने छापेमारी शुरू कर रखी है। आयकर विभाग की टीमें भी मुख्यमंत्री गहलोत के करीबियों के आवास खंगाल रही है।
वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि मोदी सरकार जनमत अपहरण करने में नाकामयाब हो गई। राजस्थान की आठ करोड़ बहादुर जनता और राजस्थान के विधायकों ने ये निर्णय कर लिया है कि वे भारतीय जनता पार्टी के षडयंत्र में उलझने वाले नहीं हैं। इसके बाद एक बौखलाई हुई केंद्र की भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री के बड़े भाई, अग्रसेन गहलोत के घर पर ईडी भेज कर छापेमारी शुरू करा दी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के अलावा विपक्षी दलों के कई दूसरे नेता भी आए दिन ये आरोप लगाते रहते हैं कि भाजपा सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए ईडी को एक हथियार बनाकर इस्तेमाल कर रही है। उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अहमद पटेल, सीएम अशोक गहलोत, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता भी ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग की बात कह चुके हैं।
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने गत माह ही आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है। केंद्रीय जांच एजेंसी, सीबीआई ने चिदंबरम और अन्य लोगों पर कथित रूप से आईएनएक्स मीडिया केस में विदेशी निवेश को मंजूरी देने के लिए 10 लाख रुपये बतौर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
एजेंसी का आरोप था कि 2007 में, पी चिदंबरम जब यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे, तो उस दौरान आईएनएक्स मीडिया में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश की सुविधा दी गई थी। इस कंपनी पर पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी का स्वामित्व बताया जाता है। इन्हीं मामलों की जांच के लिए पिछले साल सीबीआई ने पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की थी।
प्रवर्तन निदेशालय ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति पी. चिदंबरम व अन्य के खिलाफ विशेष अदालत में जो ई-चार्जशीट दायर की है वह पासवर्ड प्रोटेक्टेड है। अदालत की कार्यवाही सामान्य होने पर इस चार्जशीट की हार्डकॉपी भी जमा कराई जाएगी। इससे पहले कीर्ति चिदंबरम को विदेश यात्रा की अनुमति लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में 20 करोड़ रुपये जमा कराने पड़े थे।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम सहित 13 लोगों को आरोपी बनाया था। अन्य आरोपियों में पीटर मुखर्जी, कार्ति चिदंबरम, पूर्व अंडर सेक्रेटरी आर प्रसाद, भास्कर (कार्ति के सहयोगी), ज्वाइंट सेक्रेटरी अनूप पुजारी, प्रबोध सक्सेना और एडिशनल सेक्रेटरी सिधुश्री खुल्लर सहित अन्य शामिल हैं। इस केस में पी. चिदंबरम को तिहाड़ जेल में रखा गया था।