केरल के एर्नाकुलम जिले के किजहक्कंबलम क्षेत्र में क्रिसमस के दिन हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 163 लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार रात को क्रिसमस मनाए जाने के दौरान पूर्वोत्तर इलाके के प्रवासी श्रमिक हिंसा पर उतारू हो गए थे। उन्होंने पुलिस पर भी हमला किया। इसमें आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। दो जीप क्षतिग्रस्त कर दी गई और एक को जला दिया गया था।
इस उपद्रव के मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किए हैं। घायलों में एक सर्कल इंस्पेक्टर भी शामिल है। इन दो मामलों में एक केस पुलिस पर हमले को लेकर हत्या के प्रयास का और दूसरा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का है। घटना को लेकर 163 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एर्नाकुलम के रूरल एसपी के. कार्तिक ने बताया कि घटना को लेकर रविवार सुबह ही 150 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। मामले में लिप्त लोगों की पहचान के बाद 50 को गिरफ्तार किया गया। घटना को लेकर जांच जारी है। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुई हैं। इनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस वाहनों को घेरा और उन पर पथराव किया। पुलिसकर्मी को घसीटकर लाठियों से मारा गया। वाहनों पर लोग चढ़ गए और उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
जब पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो श्रमिकों ने एक जीप में आग लगा दी। काइटेक्स के प्रबंध निदेशक साबू जैकब ने मीडिया को बताया कि श्रमिकों ने एक सर्कल इंस्पेक्टर समेत पुलिसकर्मियों पर बुरी तरह हमला किया। जैकब ने बताया कि शनिवार रात श्रमिकों के दो गुटों के बीच विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
इससे पहले कंपनी के सुरक्षाकर्मियों व सुपर वाइजर ने विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन उन पर भी हमला कर दिया गया था, इसलिए पुलिस को बुलाया गया था। लेकिन जब पुलिस पहुंची तो बेकाबू श्रमिकों ने उस पर भी हमला कर दिया। जैकब ने बताया कि श्रमिकों के कैंप में ड्रग्स लाए गए थे और संभवत: उसी के नशे में पुलिस पर हमला कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी जांच में पुलिस की मदद करेगी।