अपने पूरे करियर के दौरान उमेश उपाध्याय जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों की अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने इनके निधन पर शोक जताया है।
पत्रकारिता और मीडिया रणनीति दुनिया के वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय का निधन हो गया। उन्होंने टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में अपने काम के माध्यम से एक अमिट छाप छोड़ी। चार दशकों से अधिक समय तक उन्होंने प्रमुख मीडिया संगठनों में कई प्रमुख पदों पर काम किया। उन्हें उनकी मीडिया की गहरी समझ के लिए जाना जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया। पीएम मोदी ने परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि उमेश उपाध्याय का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
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उमेश उपाध्याय का जन्म मथुरा में 1959 में हुआ था। उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत 1980 में की थी और बहुत ही कम समय में उन्होंने इस क्षेत्र में अपना नाम बना लिया। वह देश के जाने माने पत्रकारों में से एक थे। उनका करियर भारतीय टेलीविजन के शुरुआती दौर में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख नेटवर्कों की समाचार कवरेज और प्रोग्रामिंग रणनीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बड़े उद्योग के पीआर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अपने पूरे करियर के दौरान उमेश उपाध्याय जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों की अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह भारत में पत्रकारिता में सुधार लाने के उद्देश्य से विभिन्न मीडिया शिक्षा पहल में सक्रिय रूप से शामिल थे। दो सितंबर को उमेश उपाध्याय की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनका अंतिम संस्कार निगम बोध घाट में किया जाएगा। उमेश उपाध्याय के बेटे ने इसकी जानकारी दी।