फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

अमर उजाला विशेष: टीके की एक शीशी से 10 की जगह 12 खुराक, कंपनी ने किया इनकार

परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 26 Jul 2021 07:00 AM IST

सार

चंडीगढ़, हरियाणा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान,  मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में ऐसे दावों के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास 41 लाख से अधिक अतिरिक्त खुराक निकाले जाने का आंकड़ा भी मौजूद है, लेकिन विशेषज्ञ और वैक्सीन बनाने वाली कंपनी को ये आंकड़े काफी हैरान कर रहे हैं ।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीकाकरण... - फोटो : पीटीआई


अपने केंद्रों को आदर्श सूची में डालने के लिए कई  जगह अतिरिक्त खुराक पर जोर  दिया जा रहा है। इन्हीं केंद्रों से दावा किया जा रहा है कि ये 10 खुराक वाली एक शीशी से 12-12 खुराक तक निकाल पा रहे हैं । 


एक व्यक्ति को 0.5 एमएल खुराक देना जरूरी 

शिकायकर्ता आरके गर्ग को भेजी जानकारी में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अतिरिक्त निदेशक एसआर चुनेकर ने कहा, एक शीशी में कोविशील्ड की 10 खुराक होती हैं। इस शीशी में 6.2 एमएल मात्रा होती है। प्रति व्यक्ति 0.5 एमएल खुराक जरूरी है। 


उन्होंने कहा, स्वास्थ्य कर्मचारी 11 वीं खुराक इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि उसके लिए शीशी में 0.5 एमएल मात्रा बकाया होना जरूरी है। कंपनी के लिए गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अतिरिक्त निदेशक ने आशंका जताई है कि इस बात की आशंका है कि अतिरिक्त खुराक से कम मात्रा में वैक्सीन मिलेगी। 


कम मात्रा में लग रही वैक्सीन

शिकायतकर्ता आरके गर्ग ने कहा कि मामले की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने सीरम को शिकायत पत्र भेजा। जब उन्हें पत्र प्राप्त हुआ तो उनका शक यकीन में बदल गया कि ऐसे लोगों को कम मात्रा की वैक्सीन लगने की आशंका बढ़ सकती है।


तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल सबसे आगे 

सबसे ज्यादा 5,88,243 अतिरिक्त खुराक तमिलनाडु में दी गई हैं। पश्चिम बंगाल में 4,87,147 , गुजरात में 4,62,819 खुराकें और चंडीगढ़ में 5681 अतिरिक्त खुराकें निकाली गई हैं। यहां कोविशील्ड की एक शीशी से 12 खुराकें निकालने का दावा किया जा चुका है। हरियाणा में यह संख्या 1,27,521 है। 


इन केंद्रों पर बर्बादी भी नहीं 

मंत्रालय के अनुसार, अतिरिक्त खुराकों वाले केंद्रों पर बर्बादी का आंकड़ा भी नहीं है। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में एक भी अतिरिक्त खुराक निकालने की जानकारी नहीं है और यहां 19,989 खुराकें बर्बाद हुई हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में 13207, त्रिपुरा में 27552, पंजाब में 13613, मेघालय में 3518, मणिपुर में 12346, जम्मू - कश्मीर में 32680 और बिहार में 1,26,743 खुराकें बर्बाद हुई हैं। 
विज्ञापन


अतिरिक्त खुराकों का लक्ष्य गलत 

 दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अधिकारी महेंद्र प्रताप का कहना है कि अतिरिक्त खुराकें निकालने का लक्ष्य देना बिलकुल गलत है और इसे लेकर केंद्रों में होड़ भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पोलियो टीकाकरण को लेकर उनके कार्यकाल में ऐसी चीजों से बचने पर जोर दिया गया था। महेंद्र का कहना है कि बेहतर प्रशिक्षण और सतर्कता के जरिए अधिकतम एक खुराक निकाली जा सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next