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UCC: 'ईरान की तरह उत्तराखंड को बनाया जा रहा हिंदुत्व की प्रयोगशाला'; कार्ति चिदंबरम ने सरकार पर बोला हमला

Thu, 08 Feb 2024 08:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UCC: कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने उत्तराखंड में यूसीसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान जैसा धर्मशासित देश इसी तरह का व्यवहार करता है। इसलिए, अगर हम भी ऐसा व्यवहार करते हैं, तो यह हिंदुत्व ईरान जैसा हो जाएगा और उत्तराखंड इसके लिए एक प्रयोगशाला है। 
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कार्ति चिदंबरम (फाइल फोटो) - फोटो : फेसबुक
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने को लेकर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की निजी जिंदगी में घुसने की कोशिश कर रही है।  उन्होंने आरोप लगाया कि 'हिंदुत्व ईरान' के लिए पहाड़ी राज्य एक परीक्षण प्रयोगशाला है। 

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एक दिन पहले उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिकता संहिता विधेयक पारित किया गया था। यह अब अन्य भाजपा शासित राज्यों के यूसीसी कानून को लागू करने के लिए एक उदाहरण के रूप में काम कर सकता है। यह विधेयक लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को भी अनिवार्य करता है।

यूसीसी के विधेयक में क्या प्रावधान
पारित विधेयक के प्रावधान के मुताबिक, लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चे को वैध माना जाएगा और छोड़ी गई महिला अपने साथी से भरण-पोषण पाने की हकदार होगी। विधेयक मुसलमानों के एक वर्ग के बीच प्रचलित बहुविवाह और हलाला पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाता है। हालांकि, विवाह विभिन्न तरह के अनुष्ठानों के जरिए संपन्न किए जा सकते हैं। जैसे- सप्तपदी, निकाह, आनंद कारज आदि। 

'उत्तराखंड हिंदुत्व ईरान की परीक्षण प्रयोगशाला'
कार्ति चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'उत्तराखंड हिंदुत्व ईरान के लिए परीक्षण प्रयोगशाला है।' उन्होंने संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि समान नागरिक संहिता की अवधारणा अच्छी है। लेकिन, इसे लागू करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए। ऐसा सभी धर्मों और प्रथाओं में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए होना चाहिए। 

'हमारे यहां हिंदू अविभाजित परिवार नाम की कोई चीज नहीं'
उदाहरण के लिए, हमारे यहां हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) नाम की कोई चीज नहीं है। मैं वास्तव में हिंदू अविभाजित परिवार का लाभार्थी हूं। लेकिन, क्या वह यूसीसी में रहेगा या हटा दिया जाएगा? देश के कुछ हिस्सों में चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह होते हैं। कुछ हिस्सों में चाचा-भतीजी शादी करते हैं। उत्तराखंड में ये चीजें प्रतिबंधित हैं। क्या हम एक समान संहिता ला रहे हैं, जो सभी धर्मों की कुछ परंपराओं को हटा देगी? वे इसका इस्तेमाल लोगों के निजी जीवन में घुसने के लिए कर रहे हैं। 

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कराना होगा पंजीकरण
उन्होंने कहा, वे कह रहे हैं कि लिव-इन रिलेशनशिप को पंजीकृत किया जाए। इसलिए, अगर दो लोग लिव-इन में रहने का फैसला करते हैं, तो उन्हें जाकर पंजीकरण कराना होगा। मान लीजिए कि छह महीने बाद उनके बीच झगड़ा होता है और वे अलग हो जाते हैं। तो उन्हें फिर से जाकर बताना होगा कि हमारे बीच लड़ाई हुई है, जिससे हम अलग हुए हैं।
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'इसी तरह का व्यवहार करता है धर्मशासित ईरान'
तमिलनाडु के शिवगंगा के सांसद कार्ति ने कहा, यह बेतुका है और ईरान जैसे धर्मशासित देश भी ऐसा ही व्यवहार करता है। उन्होंने कहा, वे निजी स्थानों पर व्यक्तिगत व्यवहार के दायरे में घुस रहे हैं और यह बहुत खतरनाक है। चिदंबरम ने कहा, ईरान जैसा धर्मशासित देश इसी तरह का व्यवहार करता है। इसलिए, अगर हम भी ऐसा व्यवहार करते हैं, तो यह हिंदुत्व ईरान जैसा हो जाएगा और उत्तराखंड इसके लिए एक प्रयोगशाला है। 
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