Uttarakhand rescue: 408 घंटों में 21 एजेंसियों वाले 'वॉर रूम' ने ऑगर से लेकर रैट माइनर्स को दी थी झटपट मंजूरी
सार
केंद्र सरकार में इस टनल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, देखिये ये अभी तक का एक बड़ा अभियान था। यहां पर 41 लोगों की जिंदगी का सवाल था। जब मजदूरों के सुरंग में फंसने की सूचना मिली थी, पीएमओ और गृह मंत्रालय तभी सक्रिय हो गया था...
Uttarakhand Tunnel Rescue
- फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar