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राजनीति: सपा-बसपा के जातिगत सम्मेलन को जवाब देने की तैयारी, वैश्य समाज को लुभाने में जुटी कांग्रेस

Sun, 15 Aug 2021 01:16 AM IST
कुमार संभव डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जातियों को लेकर अलग तरह की लामबंदी शुरू हो गई है। चुनाव में अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रही बीएसपी एक तरफ ब्राह्मणों को लुभाने में जुटी है। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के लिए भी चुनौतियां कम नहीं हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी- प्रियंका-अखिलेश - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरणों को साधने में जुट गए हैं। सत्ताधारी भाजपा ओबीसी और अन्य पिछली जातियों पर फोकस कर रही है तो बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी भी अपने कोर वोट बैंक के साथ राज्य के ब्राह्मण वोटर्स पर नजर गढ़ाए बैठी है। वहीं, यूपी में बेदम दिख रही कांग्रेस पार्टी में प्रियंका गांधी पूरी तरह से जान फूंकने में जुट गई हैं। चुनावों में वैश्य समुदाय को साधने के लिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। पार्टी ने वैश्य संगठनों को रिझाने के लिए अपने दिग्गज नेता पवन बंसल को मैदान में उतार दिया है।  

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यूपी की 116 सीटों पर है वैश्य समुदाय का प्रभाव
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जातियों को लेकर अलग तरह की लामबंदी शुरू हो गई है। चुनाव में अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रही बीएसपी एक तरफ ब्राह्मणों को लुभाने में जुटी है। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के लिए भी चुनौतियां कम नहीं हैं। उसके लिए पिछली बार की तरह वोटों के ध्रुवीकरण का खतरा है तो गैर यादव और पिछड़ी जातियों में दूसरे बड़े दलों का दखल भी नजर आ रहा है। इस बीच कांग्रेस पार्टी ने यूपी के वैश्य समाज के मतदाताओं पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। दिल्ली से यूपी तक समाज के प्रतिनिधियों की बैठकें की जा रही हैं। इनमें सभी से यूपी चुनावों की संबंधित रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। 

समीकरण बनाने में जुटे राजनीतिक दल
राज्य में 16 प्रतिशत आबादी वैश्य समाज की है, जो 116 विधानसभा सीटों पर अपना प्रभाव रखता है। वहीं, 110 विधानसभा सीटों पर वैश्य समुदाय के 30 हजार से अधिक मतदाता हैं। इन्हीं समीकरणों को ध्यान में रखते हुए हाल ही में पूर्व रेल मंत्री और पार्टी के कोषाध्यक्ष पवन बंसल, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड से आए जैन समाज के प्रतिनिधियों की एक बैठक ली। पवन बंसल खुद वैश्य समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वह लंबे समय से पार्टी में समाज का प्रतिनिधित्व करते आए हैं।
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वैश्य समाज निभाएगा अहम भूमिका
अमर उजाला से चर्चा करते हुए अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष अनुरोध ललित जैन ने कहा कि आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों में वैश्य समाज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समाज के लोगों को चुनावों में कैसे अहम जिम्मेदारी मिले, इसे लेकर बैठक में चर्चा हुई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी के मार्गदर्शन में वैश्य और जैन समाज मिलकर चुनावों में उतरेगा। निश्चित ही हमें चुनावों में सफलता भी हासिल होगी।

कांग्रेस महावीर के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी: बंसल
बैठक में पवन बंसल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है। आज के समय में सभी समाजों को जोड़कर रखने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा 2004 में प्रधानमंत्री पद के त्याग को भगवान महावीर के परिग्रह के सिद्धांत से जोड़ा। बैठक में उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों को विश्वास दिलाया कि जैन समाज के लोगों को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग में उनकी संगठन क्षमता अनुसार विभिन्न जिले, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। अल्पसंख्यक विभाग अच्छी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें राष्ट्रीय, प्रदेश और जिलों की टीम में महत्पूर्ण भागीदारी भी देगा। इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व सचिव संजय बाफना, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के महासचिव बाबूराम गुप्ता, जिओ संस्था के संजय सकलेचा, समाजसेवी गजेंद्र सिंघवी, आकाश छाजेड़ और भूषण जैन आदि मौजूद थे। 

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