भाजपा ने अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक में गरीब कल्याण के एजेंडे पर ही अडिग रहने की योजना बनाई थी लेकिन इस पर उड़ी आतंकी हमला हावी हो गया है। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की चौरतरफा मांग के दबाव में आई पार्टी ने इस मामले अब पाकिस्तान को कठोर संदेश देने का मन बनाया है। इसके अलावा बैठक स्थल के मुख्य द्वार पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों को पोस्टर में सबसे प्रमुखता से जगह दी गई है। उपाध्याय के बयान में जहां कश्मीर मामले में पाकिस्तान ही नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र या उसकी किसी भी एजेंसी के दखल को अस्वीकार करने की बात कही गई है। वहीं इसी पोस्टर में प्रधानमंत्री केहवाले से कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर पर कोई भी बातचीत संविधान के दायरे में ही होगी।
शुक्रवार को हुई पार्टी महासचिवों और पार्टी पदाधिकारियों की अलग-अलग बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में महासचिव राम माधव और सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि बैठक का मुख्य एजेंडा दीनदयाल के सपनों को अमली जामा पहनाना अर्थात गरीब कल्याण है। हालांकि दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि उड़ी हमले के मामले में भी गंभीर मंथन होगा।
बैठक में फिलहाल राजनीतिक प्रस्ताव पारित करने पर ही सहमति बनी है। पार्टी महासचिवों और पदाधिकारियों की बैठक में पाकिस्तान या आतंकवाद के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने पर चर्चा हुई। मगर इसी क्रम में यह भी शंका जताई गई कि कहीं यह मुद्दा गरीब कल्याण के मुख्य एजेंडे पर हावी न हो जाए। माना जा रहा है कि अब शनिवार को परिषद की बैठक में ही इसकी अंतिम रूपरेखा तैयार होगी।
पोस्टर लगाने के मामले में पार्टी की ओर से बड़ी चूक हो गई। बैठक स्तर के मुख्य द्वार पर पोस्टर तो दीनदयाल उपाध्याय का लगाया गया, लेकिन नाम गृह मंत्री राजनाथ सिंह का था। मीडिया में इस आशय की खबरें प्रसारित होते ही आनन फानन गलती सुधारी गई।