जांच से यह पता चला है कि उन्होंने अपना नाम, पिता और माता का नाम, अपनी तस्वीर, हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदला। उन्होंने अपनी पहचान बदलकर परीक्षा नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा से परे धोखाधड़ी से प्रयास किए।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की। आयोग की ओर से उठाए गए कदमों में पूजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है। उन पर फर्जी पहचान पत्र के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में एफआईआर कराई गई है। आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
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उधर, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रशिक्षु अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के तहत मामले दर्ज किए हैं। यूपीएससी ने पुलिस को शिकायत दी कि पूजा खेडकर ने अपना नाम, अपने माता-पिता का नाम, अपनी तस्वीर, हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर फर्जी पहचान पहचान पत्र बनवाए। शिकायत में कहा गया है कि खेडकर ने धोखाधड़ी से परीक्षा दी।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2023 बैच की अधिकारी पूजा खेडकर पर हाल में पुणे में अपने प्रशिक्षण के दौरान विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने और सिविल सेवा में चयन के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। आयोग ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए चयनित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर को लेकर विस्तृत और गहन जांच की है।
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इसमें कहा गया कि जांच से पता चला है कि खेडकर ने अपना नाम, अपने माता-पिता का नाम, अपनी तस्वीर, हस्ताक्षर, अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर पहचान छिपाई। उन्होंने परीक्षा नियमों के तहत अनुमेय सीमा से अधिक प्रयासों का लाभ उठाया। बयान के मुताबिक, यूपीएससी ने पूजा खेडकर के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करा आपराधिक मुकदमा चलाने सहित कई कार्रवाई शुरू की हैं।