प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की तो न केवल किसान खुश हुए बल्कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के कई सांसदों और विधायकों ने भी राहत की सांस ली है। क्योंकि अगले साल होने वाले पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में किसान आंदोलन एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा था, जिसमें पार्टी को एक बड़े नुकसान की आहट साफ सुनाई दे रही थी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने समय रहते इस खतरे को भांप लिया और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी गई।
पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि पीएम के इस घोषणा के बाद विपक्ष के हमले की धार अब कम होगी जो बीते कुछ महीनों से काफी तेज हो गई थी। इन पांच चुनावों में से कम से कम दो राज्यों उत्तर प्रदेश और पंजाब में किसान आंदोलन एक ज्वलंत मुद्दा था। कई भाजपा नेताओं ने नाम नहीं लिखे जाने की शर्त पर कहा समझ ही नहीं आ रहा था कि जो नुकसान होने जा रहा है, उसका हल क्या निकालें?