प्रियंका गांधी अब ‘डोर टू डोर जनसंपर्क’ कर रही हैं। वे नोएडा से कांग्रेस प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक के पक्ष में लोगों से मिलकर उन्हें वोट देने की अपील कर चुकी हैं। गुरुवार को प्रियंका ने अनूपशहर, सिकंदराबाद और स्याना में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए डोर-टू-डोर जनसंपर्क किया। उन्होंने इसे लोगों को समझने और जनता से सीधा संपर्क स्थापित करने का माध्यम बना लिया है। आने वाले दिनों में वे पूरे उत्तर प्रदेश में इसी तरह से सीधा संपर्क अभियान जारी रखेंगी। यह उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तराखंड, पंजाब और अन्य राज्यों तक जाएगा।
लोगों के साथ डोर-टू-डोर जनसंपर्क कार्यक्रम में वे युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मिल रही हैं। भारी भीड़ में भी महिलाएं उनसे हाथ मिलाने, उनकी एक झलक पाने को उत्सुक दिखाई पड़ रही हैं। प्रियंका भी महिलाओं को निराश नहीं करतीं और उनके घरों में जाकर उनसे सीधी बातचीत करती हैं। उनके साथ सेल्फी लेने में जरा भी देर नहीं लगातीं। वे उन्हें बताती हैं कि किस तरह वे महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं और उन्हें यह अवसर अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए ईर्ष्या का विषय हो सकती है।
प्रियंका गांधी के विशेष सलाहकार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अमर उजाला को बताया कि वे एक लंबी लड़ाई के लिए जमीन पर उतरी हैं। यह अभियान केवल 2022 तक के उत्तर प्रदेश चुनाव तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके आगे 2024 के लोकसभा चुनाव तक भी जाएगा। इसे केवल यूपी तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि देश के सभी राज्यों से प्रियंका गांधी की मांग आ रही है, और वे सभी राज्यों में जाकर लोगों से संपर्क स्थापित करेंगी। उनकी यह लड़ाई सत्ता और व्यवस्था परिवर्तन के लिए है और इसके होने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता से जनसंपर्क के दौरान एक बात अच्छी तरह दिखाई पड़ रही है कि जनता के मन में गांधी परिवार के प्रति विशेष आकर्षण है। लोग सीधे प्रियंका गांधी से मिलना चाहते हैं, उनसे बातचीत कर अपनी समस्याएं रखना चाहते हैं और उन्हें अपना समझते हैं। प्रियंका गांधी के व्यक्तित्व में वही जादुई आकर्षण देखने को मिल रहा है जो कभी इंदिरा गांधी के लिए जनता के मन में हुआ करता था। यही कारण है कि प्रियंका गांधी इस अभियान को लगातार जारी रखेंगी।
पूर्वांचल जोन के 16 जिलों के कांग्रेस प्रभारी विश्वविजय सिंह ने कहा कि इस तरह के सीधे संपर्क से उनका जनता के साध सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। इससे केवल कांग्रेस प्रत्याशियों का प्रचार ही नहीं हो रहा है, बल्कि इससे पार्टी जनता से सीधा संबंध भी बन रहा है। एक समय कांग्रेस की यही सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था और लोगों से सीधे जुड़ने, उनकी समस्याओं को समझने की ताकत के बल पर ही कांग्रेस 70 सालों तक लोगों के दिलों पर राज करती रही। उन्होंने कहा कि हम अपनी वही ताकत दोबारा खड़ी करना चाहते हैं और इसके लिए प्रियंका गांधी की प्रतिज्ञाओं के सहारे लोगों के द्वार पर खड़े हैं।
आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल यादव ने अमर उजाला से कहा कि उनकी पार्टी ने गोरखपुर और वाराणसी में ब़ड़ी चुनावी रैली कर अपनी राजनीतिक ताकत दिखा दी है। इन जनसभाओं में भारी संख्या में उमड़ी भीड़ ने यह बता दिया है कि उन्हें अब भी कांग्रेस से बड़ी उम्मीदें हैं और जनता की इन उम्मीदों पर खरा उतरना, उन्हें परेशानियों से मुक्ति दिलाना कांग्रेस का कर्तव्य है और पार्टी जनता की इन उम्मीदों पर खरा उतरेगी।