भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हमेशा अपने पत्ते छिपाकर रखता है। जब खोलता है, तभी उसकी रणनीति का आंकलन नए सिरे से शुरू हो जाता है। पिछले कुछ दिनों से मीडिया में लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ाने के कयास लगाए जा रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव कार्यालय खोजे जाने, तो कुछ में केंद्रीय नेतृत्व की अयोध्या से चुनाव लड़ने की हरी झंडी मिल जाने तक की खबरें आईं, लेकिन आज भाजपा की पहली उम्मीदवारों की सूची ने फिर सबको चौंका दिया।
अपने 105 उम्मीदवारों की सूची में भाजपा ने अपनी ठोस रणनीति का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर की सीट से और केशव प्रसाद मौर्या को सिराथू, पंकज सिंह को नोएडा से उम्मीदवार बनाने का निर्णय भाजपा के विधानसभा चुनाव 2022 के प्रति प्रबल आत्मविश्वास का संकेत दे रहा है। इसके जरिए भाजपा ने बताने की कोशिश की है कि उसकी थीम सबका साथ, विश्वास और सबका विकास में कोई बदलाव नहीं आया है। पार्टी ने दो चरणों 113 सीटों के (पहले के 57 और दूसरे के 48) के प्रत्याशी की सूची जारी की है। इनमें से 21 प्रत्याशी पहली बार चुनाव मैदान में उतारे जा रहे हैं। 21 विधायकों का टिकट कटा है। सबसे दिलचस्प है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 58 सीटों पर मतदान होना है। इन सीटों पर 2017 में भाजपा के 54 उम्मीदवार जीते थे। इस तरह से देखा जाए तो भाजपा ने पुराने विधायकों के टिकट पर कम कैंची चलाई है।
सपा, कांग्रेस और बसपा के भी उम्मीदवार घोषित, सबसे पीछे सपा
उम्मीदवारों की घोषणा के मामले में सबसे पीछे सपा चल रही है। पार्टी ने अभी तक 29 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। कांग्रेस ने सबसे अधिक 125 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। बसपा ने भी 53 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। समझा जा रहा है कि शनिवार शाम तक सपा की दूसरी सूची भी आ सकती है। ताकि समय रहते प्रत्याशी नामांकन करा सकें।