भारतीय जनता पार्टी ने यूपी चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। इसमें किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं को आकर्षित करने के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं। समाजवादी पार्टी भी इन वर्गों को आकर्षित करने के लिए अपने घोषणा पत्र में बड़ी घोषणाएं कर सकती है। इसमें प्रदेश के 16 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरियां देने और निजीकरण की प्रक्रिया रोकने का वायदा किया जा सकता है। अखिलेश यादव नए बिजली उत्पादन केंद्र को स्थापित करने और बिजली वितरण से निजी कंपनियों को बाहर रखने का बड़ा वायदा भी कर सकते हैं। सपा का घोषणा पत्र एक से दो दिन के बीच जारी किया जा सकता है।
समाजवादी पार्टी प्रदेश में सरकार बनने पर कड़ा एंटी मॉब लिंचिंग एक्ट बनाने का बड़ा वादा कर सकती है। इसके पहले केवल राजस्थान, पश्चिम बंगाल और झारखंड की विधानसभाओं में एंटी मॉब लिंचिंग बिल पास किए गए हैं। इसे प्रदेश के 19 फीसदी मुसलमानों को आकर्षित करने की बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। कथित तौर पर तीन तलाक कानून, बूचड़खानों पर प्रतिबंध और एंटी लव जिहाद जैसे कदमों के कारण भाजपा से नाराज मुस्लिम समुदाय पूरी तरह सपा-आरएलडी गठबंधन की तरफ मुड़ सकता है। इससे मुसलमान वोटरों में बंटवारा भी रूक सकता है जिसका सपा को लाभ हो सकता है।
सपा किसानों के लिए बड़ा वादा कर सकती है। वह किसान आंदोलन में मरे किसानों को शहीद का दर्जा देने और सभी मृत किसानों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर सकती है। किसानों के योगदान को अमर बनाने के लिए उनके गृह जनपद में उनका शहीद स्मारक बनवाने का वादा भी किया जा सकता है। अखिलेश यादव सपा सरकार बनने पर किसानों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। वे राज्य की प्राइवेट बिजली कंपनियों को बिजली वितरण से पूरी तरह वंचित रखने का वादा भी कर सकते हैं। किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर किए गए मुकदमे वापस लेने की घोषणा भी की जा सकती है।
अखिलेश यादव अपनी जनसभाओं और प्रेस कांफ्रेंस में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते रहे हैं। इसमें सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और शिक्षा मित्रों को उचित मानदेय देना शामिल हैं। इन सभी घोषणाओं को समाजवादी पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल होना तय माना जा रहा है।