कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के तकरीबन 75 दिन बाद सोमवार से पूरा देश खुल जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अनलॉक-1 के पहले चरण में देशभर में आठ जून से कंटेनमेंट जोन छोड़कर सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल शर्तों के साथ खुल सकेंगे। वहीं, दूसरे चरण में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने स्कूल और कॉलेजों को अगस्त 2020 के बाद खोले जाने की बात कही है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा है कि 15 अगस्त के बाद सभी शैक्षणिक संस्थान खोले जा सकते हैं। तब तक सभी परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए जाने की उम्मीद है।
घर में ही रहें बुजुर्ग, बच्चे और रोगी
संक्रमण के खतरे को देखते हुए 65 या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम के बच्चों और मधुमेह, किडनी या अन्य संबंधित बीमारी से ग्रस्त रोगियों को घर में ही रहने की सलाह दी गई है।
रेस्तरां: होम डिलीवरी घर के मुख्य गेट तक
हर रेस्तरां पर कोविड-19 के नियमों की जानकारी से संबंधित पोस्टर लगे होने चाहिएं। रेस्तरां संचालकों को खाने की होम डिलीवरी घर के मुख्य द्वार तक ही करने को कहा गया है। ग्राहक को सीधे खाने का पैकेट देने से मनाही है। होम डिलीवरी करने वाले स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग भी अनिवार्य है। स्टाफ को दस्ताने, मास्क और फेस शील्ड जैसे सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे। आगंतुकों, स्टाफ के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी गेट की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिक स्टाफ की व्यवस्था करनी होगी।
एसी 30 डिग्री तक ही चलानी होगी
होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल में 24-30 डिग्री सेल्सियस तक ही ऐसी चलाने की अनुमति होगी। वहीं सापेक्ष आद्रता को 40-70 फीसदी रखना होगा। इसके अलावा जितना अधिक संभव हो ताजी हवा की आवाजाही सुनिश्चित करनी होगी। मॉल, होटल और रेस्तरां के भीतर क्रॉस वेंटिलेशन भी पर्याप्त होना चाहिए।
दफ्तर: उम्रदराज कर्मियों, गर्भवती महिलाओं को न बुलाएं
कंटेनमेंट जोन में दफ्तर बंद रहेंगे। इस जोन से बाहर के दफ्तरों में उम्रदराज कर्मचारियों, गर्भवती महिलाओं या इलाज करा रहे कर्मचारियों को नहीं बुलाया जाए। सिर्फ बिना लक्षण वाले कर्मचारी ही दफ्तर आएं। कंटेनमेंट जोन से आने वाला कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचना देगा और तब तक दफ्तर नहीं आएगा, जब तक कि कंटेनमेंट जोन खत्म नहीं हो जाता। कंटेनमेंट जोन से आने वाले ड्राइवरों को भी इजाजत नहीं है। वाहनों को लगातार कीटाणुरहित किया जाए। मास्क, सामाजिक दूरी के साथ अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करें। दफ्तर के अंदर भी छह फुट की दूरी जरूरी है। मीटिंग से बचें। जरूरी हो तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करें। अधिकतर काम घर से ही कराने की सलाह दी गई है। कोरोना के एक या दो केस मिलते हैं तो दफ्तर बंद करने की जरूरत नहीं है। इससे ज्यादा मिलने पर 48 घंटे के लिए पूरा दफ्तर या जहां केस मिले हैं, इमारत के उस ब्लॉक को सील कर दें और अच्छी तरह से सैनिटाइज कराएं।