नियुक्ति पाने वालों को बेसिक पेंशन काटकर जो बचेगा, उसके हिसाब से वेतन दिया जाएगा। ‘डीए और एचआरए’ नहीं मिलेगा। ट्रांसपोर्ट अलाउंस की भी गारंटी नहीं है। अगर सरकारी कामकाज से कहीं बाहर जाना पड़ेगा तो ही यह अलाउंस मिल सकता है। बाकी घर से कार्यालय तक आने के लिए अपने संसाधन का इंतजाम करना होगा। एक माह में डेढ़ दिन की छुट्टी मिलेगी। इसके अलावा कभी जरूरी काम आ जाता है तो छुट्टी के दिन भी कार्यालय में बुलाया जा सकता है। यहां पर यूपीएससी ने यह बात स्पष्ट कर दी है कि अगर कर्मी छुट्टी के दिन कार्यालय में आता है तो उसे अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा। सुबह साढ़े नौ से शाम के साढ़े छह बजे तक ड्यूटी करनी होगी। समय निष्ठा का पालन हो, इसके लिए बायोमेट्रिक सिस्टम पर हाजिरी लगेगी।
रिटायरमेंट के बाद दोबारा से नियुक्ति पत्र लेने वाले कर्मियों को जो भी वेतन मिलेगा, वह आयकर के दायरे में आएगा। कार्मिक को गोपनीयता नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। भले ही सब कुछ ठीक चलता रहे, लेकिन 'यूपीएससी' सात दिन के नोटिस पर किसी भी सेवानिवृत्त कर्मी, जिसे एक साल के अनुबंध पर रखा गया है, उसकी सेवा समाप्त कर सकती है। निजी सचिव 'पीएस' और निजी सहायक 'पीए' के पद के लिए आयु सीमा 62 साल रखी गई है। यहां भी पीएस और पीए को कंसल्टेंट ही कहा जाएगा। जो पीएस या पीए 31 अगस्त को रिटायर होंगे, वे अपना आवेदन भेज सकते हैं। सेवा की बाकी शर्तें वही रहेंगी, जो डिप्टी सेक्रेटरी या अंडर सेक्रेटरी के पद के लिए निर्धारित की गई हैं।