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Exclusive: 'मुन्ना भैया ने कहा हमारी सीट..', केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताई विधानसभा चुनाव लड़ने की वजह

सार

केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की नरसिंहपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे प्रह्लाद सिंह पटेल ने अमर उजाला डॉट कॉम से विशेष की। बोले- मुझे तो आठ दिन पहले बताया गया कि विधानसभा लड़ना है। हम तो छिंदवाड़ा या जबलपुर से कहीं से भी चुनाव लड़ सकते थे।  
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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल एक्सक्लूसिव। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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"मैं तो कभी विधानसभा का चुनाव लड़ा ही नहीं। हमेशा लोकसभा का चुनाव लड़ता आया था। मुझे विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए आठ दिन पहले बताया गया। चर्चा हुई थी कि छिंदवाड़ा से सियासी मैदान में उतरूं या जबलपुर  की किसी सीट से लड़ जाऊं विधानसभा का चुनाव। लेकिन हमारे छोटे भाई और नरसिंहपुर के वर्तमान विधायक मुन्ना भैया ने कहा कि आप चुनाव लड़ोगे तो हमारी सीट से। हम यह सीट खाली कर रहे हैं। फिलहाल पार्टी ने मेरे लिए मेरा गृह जनपद ही चुना। रही बात एमपी के केंद्र में बड़े नेताओं और सांसदों के चुनाव लड़ने की। तो इसको किसी प्रतिस्पर्धा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। बल्कि प्रमुख नेताओं के सियासी मैदान में उतरने से मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है।" यह कहना है केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का। पटेल को भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में नरसिंहपुर से प्रत्याशी बनाया है। अमर उजाला डॉट कॉम के आशीष तिवारी ने पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे पांच बार के सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल से बातचीत की।
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सवाल: कैसी चल रहीं है विधानसभा चुनाव की तैयारी। एक केंद्रीय मंत्री विधायक के चुनाव मुकाबले में कहां पर खुद को पा रहे हैं?
जवाब: बहुत बढ़िया है। मेरा तो गृह जनपद ही नरसिंहपुर है। इसलिए चुनाव भी आसान है और जनता का समर्थन भी अपार मिल रहा है। जनता ही सांसद चुनती आ रही है और जनता ही विधायक बनाएगी। मंत्री भी तो जनता के मतों से बने हैं।

सवाल: आप कभी विधानसभा का तो चुनाव लड़े नहीं। पांच बार सांसद रहे। अटल जी की सरकार से लेकर मोदी जी की सरकार में मंत्री हैं।  विधायक का चुनाव लड़ना कहीं खटक तो नहीं रहा है?
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जवाब: अरे नहीं...नहीं... बिलकुल नहीं। हमारा तो पूरा जीवन ही पब्लिक लाइफ के तौर पर रहा है। मंत्री और सांसद भी तो इस जनता की बदौलत ही बना हूं। और फिर मैं एक पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। पार्टी ने निर्देशित किया और हम सियासी मैदान में आ गए।

सवाल: आप आखरी बार विधानसभा के चुनाव में कब सबसे सक्रिय रहे थे। और कितना चुनौती मान रहे हैं इस विधानसभा चुनाव को।
जवाब: वैसे तो बतौर सांसद और पार्टी के कार्यकर्ता के नाते सभी चुनावों में पार्टी के निर्देश पर महत्वपूर्ण भूमिका में ही रहता हूं। लेकिन मुझे याद है 20 साल पहले के विधानसभा चुनाव में उमा भारती जी के नेतृत्व में जरूर बहुत सक्रियता रही थी। लेकिन अब बीस साल बाद फिर से उतनी ही सक्रिय भूमिका में हूं। हालांकि इन बीस सालों में तो बहुत कुछ बदल गया है। 

सवाल: इन दो दशक में किस तरीके के बदलाव की आप बात कर रहे हैं। और किन मुद्दों के साथ आप जनता के बीच में है।
जवाब: देखिए पहले जब विधानसभा के चुनाव में सक्रिय था तो हमारी भूमिका विपक्ष की थी। अब हम सत्ता पक्ष में हैं। सबसे बड़ा बदलाव तो यही है। फिर दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब मध्य प्रदेश में जिस तरीके का विकास हो रहा है उसमें केंद्र सरकार की योजनाओं का कितना महत्वपूर्ण योगदान है। हम जनता के बीच इन्हीं योजनाओं के साथ पहुंच रहे हैं। 

सवाल: आप जिस विधानसभा की सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं वह तो आपके भाई की विधानसभा की सीट है। आपके भाई यहां पर विधायक हैं। यह कैसा सियासी समीकरण बन गया।
जवाब: हां यह सच है कि मैं जिस विधानसभा की सीट पर चुनाव लड़ रहा हूं वहां पर मेरे भाई मुन्ना भैया (जालम सिंह पटेल) विधायक हैं। लेकिन मेरे यहां पर चुनाव लड़ने की असली वजह हमारे छोटे भाई मुन्ना भैया ही हैं। उन्होंने कहा कि आप चुनाव लड़ेंगे तो हमारी ही सीट पर चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए अपनी सीट छोड़ने और खुद को अपने टिकट न देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व से बात की। तब जाकर मैं यहां से, अपने गृह जनपद से चुनाव लड़ रहा हूं।

सवाल: आपको पहले से मालूम था कि विधानसभा का चुनाव आपको लड़ना होगा। 
जवाब: नहीं...मुझको तो आठ दिन पहले निर्देश हुआ कि विधानसभा का चुनाव लड़ना है। फिर योजना बनी कि छिंदवाड़ा से या फिर जबलपुर की किसी विधानसभा सीट से मैं चुनाव लड़ सकता हूं। लेकिन फिर अपने गृह जनपद नरसिंहपुर से सियासी मैदान में जनता के बीच पहुंच गया।

सवाल: मध्य प्रदेश के सभी बड़े चेहरे जो केंद्र में थे, सियासी मैदान में उतार दिए गए हैं। इसको किस नजरिए से देखते हैं आप। बहुत कड़ा मुकाबला अंदरूनी तौर पर भी है।
जवाब: यह तो मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जीत को और मजबूत तरीके से आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। इसमें किसी को किसी तरीके की प्रतिस्पर्धा या कड़ा मुकाबला नहीं देखना चाहिए। सभी लोग भारतीय जनता पार्टी के सिपाही हैं और राज्य में एक बार पुनः सरकार बनाने के लिए अग्रसर हैं।

सवाल: लेकिन कांग्रेस इसको दूसरे तरीके से प्रचारित कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि इन तमाम चेहरों के बाद भी भाजपा सरकार नहीं बनाने वाली है। 
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जवाब: अब कांग्रेस की रणनीति और उनके बयानों पर मैं क्या बोलूं। मुझे याद है कमलनाथ ने कहा था हम छह महीने पहले प्रत्याशी घोषित करेंगे। आप देख लीजिए कांग्रेस ने कब प्रत्याशी घोषित किए। अभी कांग्रेस ने एक बार फिर अपने प्रत्याशी बदल दिए। इससे साफ पता चलता है कि कांग्रेस की तैयारी मध्य प्रदेश में है ही नहीं।

सवाल: आप इस वक्त सांसद हैं और केंद्र में मंत्री हैं। आप चुनाव जीत जाते हैं और अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो मध्य प्रदेश में आप खुद को किस रोल में देख रहे हैं।
जवाब: यह काम हमारा नहीं है। यह तो पार्टी तय करेगी। 
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