राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा छह सप्ताह तक चलने वाले 'पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन' में मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि आजादी के बाद से ही अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया गया था, उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्ष अधिकारों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन स्थापित करेंगे।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन के समापन समारोह में कहा कि स्वतंत्र भारत के अगले 75 वर्ष समुदाय और राष्ट्र के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी के बारे में समान रूप से होने चाहिए न कि अधिकारों के बारे में।
विज्ञापन
राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा छह सप्ताह तक चलने वाले 'पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन' में मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि आजादी के बाद से ही अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया गया था, उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्ष अधिकारों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन स्थापित करेंगे।
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश यूयू ललित और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर के साथ अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।ईरानी ने अभियान के लिए नालसा की सराहना की, जो 2 अक्तूबर को भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ समारोह के हिस्से के रूप में शुरू हुआ और इस बात पर जोर दिया कि देश में मुफ्त कानूनी सहायता दान नहीं बल्कि एक अधिकार है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक लोकतंत्र की असली परीक्षा यह सुनिश्चित करना है कि न्याय उसके सभी बच्चों तक पहुंचे। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए एक उचित भविष्य की इच्छा साझा की।
कोई भी बच्चा अच्छी शिक्षा, पर्याप्त पोषण, स्वस्थ वातावरण से वंचित न रहे : एम वेंकैया नायडू
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बच्चा अच्छी शिक्षा, पर्याप्त पोषण और स्वस्थ वातावरण से वंचित न रहे।
बाल दिवस की बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति नायडू ने बच्चों से बड़े सपने देखने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को उनकी जयंती पर भी याद किया। हमारा देश इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाता है।