केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें देश में कोरोना की स्थिति, ऑमिक्रॉन, टीकाकरण, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, बच्चों के टीकाकरण, ऑक्सीजन समेत कई मुद्दों पर विस्तार में चर्चा की गई। इस दौरान मंडाविया ने देश में टीकाकरण की रफ्तार की भी समीक्षा की।
मंडाविया ने कहा कि हमें पहले भी कोरोना के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी है और इस सीख का उपयोग ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ करना होगा। प्रयासों और सतर्कता से ही हम कोरोना को फिर से मात दे सकते हैं। नए टीकाकरण दिशानिर्देशों के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया कि सभी 15-18 वर्ष के किशोरों के टीकाकरण के लिए खास टीम का गठन करें और प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए समर्पित सत्र स्थलों की पहचान करें।
मंडाविया ने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को टीकों के घालमेल से बचने के लिए 15-18 आयु वर्ग के लिए अलग टीकाकरण केंद्र, अलग कतारें, अलग सत्र स्थल और अलग टीकाकरण दल बनाने की सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 27 दिसंबर को जारी दिशा निर्देशों के अनुसार, इस आयु वर्ग के लिए केवल कोवैक्सिन का टीका ही उपलब्ध होगा। भारत के औषधि महानियंत्रक ने 12 साल से अधिक आयु के बच्चों के लिए कुछ शर्तों के साथ 24 दिसंबर को भारत बायोटेक के स्वदेशी कोवैक्सिन टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक समाचार लेख में यह दावा किया गया है कि भारत अपने टीकाकरण लक्ष्य से चूक गया है। यह भ्रामक है और पूरी तस्वीर का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि भारत का राष्ट्रीय कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम कई विकसित और कम आबादी वाले पश्चिमी देशों की तुलना में सबसे सफल और सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक रहा है।
किशोरों के लिए कोविन पर 6.79 लाख से ज्यादा पंजीकरण
किशोरों के लिए सोमवार से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान के लिए कोविन पर अब तक 6.79 लाख से ज्यादा पंजीकरण हो चुका है। इसका पंजीकरण शनिवार को शुरू हुआ था। सरकार ने बताया कि रविवार शाम करीब 8 बजे तक उक्त पंजीकरण हो चुका था। देश के औषधि महानियंत्रक ने 24 दिसंबर को 12 वर्ष से अधिक उम्र के किशोरों को कोवाक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।