केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह।
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बीते कुछ सालों में हर क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिध्तव बढ़ा है। फिर चाहें बात खेल की हो या अंतरिक्ष के क्षेत्र की। वहीं, बीते नौ सालों में मोदी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कई योजनाओं की घोषणा की है। जिसके बाद से महिलाएं और उत्साह से आगे आ रही हैं। इस बीच, केंद्र में मंत्री जीतेंद्र सिंह ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि 2014 के बाद से विभिन्न स्तरों पर सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भर्ती दोगुनी हो गई है।
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह शनिवार को 10वें रोजगार मेले में अपने स्वागत भाषण में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के सालों में महिला भर्तियों की संख्या जहां लगभग 6-6.25% हुआ करती थी वहीं, 2014 के बाद, पिछले नौ वर्षों में उनकी संख्या दोगुनी से अधिक 12-13% हो गई है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण अधिनियम लागू करके और सशस्त्र बलों में महिलाओं को कमीशन रैंक प्रदान करके नारी शक्ति को सशक्त बनाया है। महिलाओं को इसरो में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इतना ही नहीं, संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण और सरकारी नौकरियों में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व ने यह सुनिश्चित किया है कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अगले 24 वर्षों में महिलाएं 'अमृतकाल' के दौरान समान भागीदार के रूप में उभर कर आएं।
इस दौरान उन्होंने 10वें रोजगार मेले के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि ये इसलिए भी खास है कि 50,000 से अधिक नई नियुक्तियों में से 21 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व महिलाएं करती हैं। बीते साल के दौरान आयोजित 10 रोजगार मेलों में 6.48 लाख से अधिक नियुक्तियों में से 1.1 लाख से अधिक महिला कर्मचारी हैं, जो कुल नई भर्ती का 17 प्रतिशत है।
बता दें कि शनिवार यानी आज पीएम मोदी ने 10वें रोजगार मेले के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती हुए लगभग 51,000 लोगों को वर्चुअल नियुक्ति पत्र वितरित किए।