अठावले ने शुक्रवार को घर वापस नहीं जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एएनआई से बात करते हुए अठावले ने कहा कि किसान नेता कह रहे थे कि जब तक कानून को निरस्त नहीं किया जाता है, तब तक वे घर नहीं लौटेंगे।
तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के केंद्र के फैसले के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं करने के लिए केंद्रीय मंत्री रामदास अठालवे ने किसान नेताओं की आलोचना की। अठावले ने शुक्रवार को घर वापस नहीं जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एएनआई से बात करते हुए अठावले ने कहा कि किसान नेता कह रहे थे कि जब तक कानून को निरस्त नहीं किया जाता है, तब तक वे घर नहीं लौटेंगे।
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उन्होंने कहा कि अब जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पहले ही कानूनों को निरस्त करने के फैसले को मंजूरी दे दी है, तो राकेश टिकैत और अन्य किसान-नेताओं को आंदोलन समाप्त करना चाहिए और घर लौट जाना चाहिए। अगर वे घर वापस नहीं जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मेरी मांग है।
किसान 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र इस महीने के अंत में शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए आवश्यक विधेयक लाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए एक नए ढांचे पर काम करने के लिए एक समिति का गठन करेगी।