अनुराग ठाकुर ने कहा, 'किसानों का कहना है कि एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद नहीं की जाएगी, जबकि सरकार ने इस साल एमएसपी में वृद्धि की है और एमएसपी पर अधिक कृषि उपज की खरीद की है।'
नए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन और सरकार के बीच चल रहा तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने किसानों के साथ एक नहीं बल्कि 11 दौर की बैठक की। कृषि मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग गलत सूचना फैला रहे हैं कि मंडियां बंद रहेंगी। पिछले दो साल में कौन सी मंडी बंद हुई? किसानों का कहना है कि एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद नहीं की जाएगी। सरकार ने इस साल एमएसपी में वृद्धि की है और एमएसपी पर अधिक कृषि उपज की खरीद की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के समय पहले से ज़्यादा मंडियां बनाने और उन्हें ई-नाम की सुविधा से जोड़ने का काम हुआ।
इससे पहले बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि सरकार ने हमसे बात करनी बंद की। जब भारत सरकार हमें बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी, हम जाएंगे। जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। आजादी के लिए संघर्ष 90 साल तक चला, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह आंदोलन कब तक चलेगा।
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अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने इरादे को बुलंद करते हुए टिकैत ने रविवार को दावा किया कि ‘सेल फॉर इंडिया’ का बोर्ड देश में लग चुका है और जो देश बेच रहे हैं उनकी पहचान करनी पड़ेगी और बड़े-बड़े आंदोलन चलाने पड़ेंगे।
टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने जो फैसले लिए हैं उसके तहत हमें पूरे देश में बड़ी-बड़ी सभाएं करनी पड़ेंगी। हमें फसलों पर एमएसपी की गारंटी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2022 में किसानों की आय दोगुनी होगी। हम देश की जनता के बीच जाएंगे। पूरे देश में संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन करेगा।