अमित शाह ने कहा कि भाजपा पूर्वोत्तर में अपना जनाधार मजबूत कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व को सभी ने स्वीकार किया है। असम में दूसरी बार भाजपा सरकार बनने का मतलब है कि असम ने आतंकवाद को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है, विकास की ओर बढ़ने के लिए एक और कदम बढ़ा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार शाम असम के गुवाहाटी पहुंचे। यहां उन्होंने तामूलपुर मेडिकल कॉलेज सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। शाह ने कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए का चेक भी बांटा। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से एक बार भी पूर्वोत्तर के पांच मंत्रियों को कैबिनेट में नहीं चुना गया है। ऐसा पहली बार पीएम मोदी के कैबिनेट में किया गया है। इससे पता चलता है कि भाजपा और पीएम मोदी की प्राथमिकताओं में नॉर्थ ईस्ट कहां है। हम विकास में पूर्वोत्तर का योगदान बढ़ाना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्वोत्तर में अपना जनाधार मजबूत कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व को सभी ने स्वीकार किया है। असम में दूसरी बार भाजपा सरकार बनने का मतलब है कि असम ने आतंकवाद को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है, विकास की ओर बढ़ने के लिए एक और कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि असम में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने का मतलब है कि असम ने आंदोलन, आतंकवाद और हथियार तीनों को हमेशा के लिए छोड़कर विकास के रास्ते जाना तय किया है।
अमित शाह ने कहा कि जिस प्रकार से पांच वर्ष में सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा की जोड़ी ने सरकार चलाई, असम की जनता को विकास का रास्ता पसंद आया और उसी का परिणाम है कि हिमंत बिस्वा सरमा आज फिर से सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं और असम के नए सीएम बनकर यहां उपस्थित हैं।
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अमित शाह ने कामाख्या मंदिर में की पूजा-अर्चना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की प्रगति के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा। कामाख्या मंदिर के दौरे के दौरान शाह के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी थे। शाह ने मंदिर से बाहर आने के बाद ट्वीट करते हुए लिखा कि आज मैंने देश की प्रगति और समृद्धि के लिए मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की।