डॉ. हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कमजोर प्रबंधन के आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन पर गाज गिरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. हर्षवर्धन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें किसी और विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
हालांकि इस पर कोई मुहर नहीं लगी है कि उन्हें कौन-सा पोर्टफोलियो मिलेगा। बता दें कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर जब चरम पर थी, तो उस समय रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कमी जैसे मुद्दों ने खूब तूल पकड़ा था और इन मुद्दों को लेकर मोदी सरकार समेत मंत्रियों की आलोचना हुई थी। ऐसे समय में स्वास्थ्य मंत्री की सक्रियता पर भी सवाल उठे थे।
ऐसा माना जा रहा है कि खुद पीएम मोदी भी उनकी सक्रियता को लेकर बहुत ज्यादा खुश नहीं थे। बता दें कि 2014 में पीएम मोदी की पहली कैबिनेट में डॉ. हर्षवर्धन स्वास्थ्य मंत्री थे लेकिन बीच में उन्हें हटाकर जेपी नड्डा को ये जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह दूसरा मौका है, जब उन्हें पद से हटाया जा रहा है।
बता दें कि डॉ. हर्षवर्धन विज्ञान और तकनीती मंत्री भी थे और वो इस पर बने रहेंगे। सूत्रों की माने तो कुल 14 मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया जा रहा है। इस बात पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि डॉ. हर्षवर्धन कैबिनेट से हटाए जाएंगे या बने रहेंगे। इसके अलावा उनके विकल्प के रूप में किस को चुना गया है, इस पर भी कोई जानकारी नहीं है।
हर्षवर्धन के अलावा जिन मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया है, उनमें श्रम मंत्री संतोष गंगवार, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और देबोश्री चौधरी शामिल हैं। इसके अलावा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा का भी इस्तीफा ले लिया गया है। यही नहीं रतन लाल कटारिया समेत नौ मंत्रियों से अबतक इस्तीफा ले लिया गया है। बता दें कि आज शाम को मोदी कैबिनेट का विस्तार होगा।