कैबिनेट ने सोमवार को बीएसएफ के कैडर पुनर्गठन का रास्ता साफ कर दिया। इसके साथ ही सीमा सुरक्षा बल में 74 नए पद बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य इस सैन्य बल की प्रशासनिक और संचालन प्रक्रिया की क्षमता को बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने कैडर के पुनर्गठन की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही बल के समूह ए के कार्यकारी अधिकारियों के 74 नए पद को मंजूरी मिल गई है। इसमें असिस्टेंट कमांडेंट से लेकर अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के पद बनाए गए हैं, जो बल के कामकाज की क्षमता को बढ़ाएगा।
पिछली बार 1990 में ऐसी कवायद की गई थी, उसके बाद से यह मांग लंबे समय से टलती रही है। बाद में सीमा सुरक्षा में लगे सबसे बड़े बल के अधिकारियों का एक वर्ग हाईकोर्ट चला गया। कोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को निर्देश दिया कि वह एक माह के अंदर इसकी प्रक्रिया पूरी करे।
इसके पुनर्गठन से बल में अधिकतम 370 डीआईजी और 19 आईजी रैंक के अधिकारी बनाए जा सकते हैं। पुनर्गठन इसलिए किया गया है ताकि बीएसएफ का काम सुचारु रूप से चल सके। इसके अलावा काम की उत्पादकता को बेहतर किया जा सके।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से बल में गतिहीनता के मुद्दे पूरी तरह समाप्त नहीं होंगे, क्योंकि पुनर्गठन में आईपीएस अधिकारियों के लिए कुछ पद आरक्षित कर दिए गए हैं, जो प्रति नियुक्ति पर इस बल में अपनी सेवा देते हैं।