मोदी सरकार के आने के बाद भारत में बेरोजगारी का स्तर काफी गिरा है। 28 फरवरी को जारी जीडीपी के आंकड़ों के बाद मनरेगा में भी ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बेरोजगारी का स्तर गिरा है। इकोनोमिक रिसर्च डिपार्टमेंट के द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बेरोजगारी दर अगस्त 2016 में 9.5 प्रतिशत थी जबकि फरवरी 2017 में यह गिरकर 4.8 प्रतिशत हो गई थी। इसी तरह कुछ राज्यों में भी बेरोजगार लोगों की संख्या में काफी गिरावट देखने को मिली है जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, झारखंड और बिहार शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के प्रयासों के कारण यह संभव हुआ है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर प्रदान किया है। सरकार ने मनरेगा को लेकर बहुत काम किया है। फरवरी 2016 में सरकार ने 83 लाख परिवारों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया गया था जबकि फरवरी 2017 में यह आंकड़ा 167 लाख पहुंच गया। मतलब पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस वर्ष 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इस वर्ष केंद्रीय बजट में मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ आवंटित किया गया। इसके तहत वित्त वर्ष 2017 में 10 लाख तालाब बनाए जाएंगे जबकि वित्त वर्ष 2018 में 5 लाख और बढ़ाया जायेगा। इस रिपोर्ट को एसबीआई के इकोनोमिक रिसर्च डिपार्चमेंट के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ सौम्या कांती के द्वारा शुक्रवार को जारी किया गया।