मसरत आलम के संगठन को केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 27 दिसंबर, 2023 को एक गैरकानूनी संघ घोषित किया था। इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा कर दी थी।
केंद्र सरकार ने मसरत आलम के संगठन जम्मू कश्मीर मुस्लिम लीग पर प्रतिबंध के बाद एक और कार्रवाई की है। केंद्र ने निर्देश दिया है कि इस अलगाववादी संगठन के खिलाफ सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 7 और धारा 8 के तहत कार्रवाई कर सकेंगें। बता दें कि इस संगठन पर कश्मीर घाटी की अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने क आरोप है। इस पर लोगों को भड़काने, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप भी हैं।
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मसरत आलम के संगठन को केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 27 दिसंबर, 2023 को एक गैरकानूनी संघ घोषित किया था। इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा कर दी थी। मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर(मसरत आलम गुट) पर यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने लिखा कि इस संगठन पर लोगों को भड़काने, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
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साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी का साफ संदेश है कि राष्ट्र की एकता, सम्प्रभुता और अखण्डता के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही कहा कि ऐसे लोगों, संगठनों को सख्त कानूनों का सामना करना पड़ेगा।
कौन है मसरत आलम
मसरत आलम भट 2019 से जेल में बंद है। वह जम्मू कश्मीर मुस्लिम लीग के अध्यक्ष और ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के गिलानी गुट का अंतरिम अध्यक्ष माना जाता है। मसरत को गिलानी के काफी नजदीकी माना जाता रहा है।