मुंबई के वाईबी चव्हाण केंद्र में कांग्रेस नेता नसीम खान, शिवसेना (उद्धव) के नेता आदित्य ठाकरे, संजय राउत, अनिल परब और एनसीपी (शरद) के अनिल देशमुख ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से सीट बंटवारे को लेकर बात की।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर महा विकास अघाड़ी (MVA) में सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। कांग्रेस, शिवसेना उद्धव और एनसीपी शरद के बीच कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसे लेकर रविवार को कांग्रेस और शिवसेना उद्धव के नेताओं ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की।
विज्ञापन
मुंबई के वाईबी चव्हाण केंद्र में कांग्रेस नेता नसीम खान, शिवसेना (उद्धव) के नेता आदित्य ठाकरे, संजय राउत, अनिल परब और एनसीपी (शरद) के अनिल देशमुख ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से सीट बंटवारे को लेकर बात की।
नेताओं ने कहा कि एमवीए सहयोगियों के बीच 10 से 12 सीटों को लेकर बातचीत चल रही है। ताकि यह तय किया जा सके कि कौन सी पार्टी बेहतर उम्मीदवार दे सकती है। कांग्रेस नेता नसीम खान ने बताया कि 10 फीसदी सीटों पर आम सहमति बनाने के लिए चर्चा चल रही है। शरद पवार एमवीए के संस्थापकों में से एक हैं। इसलिए हमने उनसे मुलाकात की और बातचीत की।
विज्ञापन
एमवीए सूत्रों ने कहा कि आम सहमति बनने के बाद एक या दो दिन में सीट-बंटवारे पर मुहर लगने की संभावना है। इस बीच पूर्व एमएलसी और जेडीयू नेता कपिल पाटिल दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए।
वहीं भाजपा की 99 उम्मीदवारों की सूची को लेकर एनसीपी शरद के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने दावा किया कि भगवा पार्टी ने वंशवादियों को मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को लगता है कि भाजपा वंशवादी राजनीति में विश्वास नहीं करती है, वे सूची पढ़ने के बाद शर्मिंदा होंगे। उन्हें यह समझना चाहिए कि भाजपा वास्तव में वंशवादी राजनीति में विश्वास करती है।
भाजपा ने कुछ क्षेत्रों में प्रभावशाली नेताओं के रिश्तेदारों को मैदान में उतारा है। जिनमें पूर्व सीएम और कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण की बेटी जया चव्हाण, कांकावली सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री और कोंकण के कद्दावर नेता नारायण राणे के बेटे नितेश राणे और जालना के भोकरदन निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक संतोष दानवे को भी फिर से उम्मीदवार बनाया है। दानवे पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के बेटे हैं।