रवांडा में अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की उन की सरकार की विवादास्पद नीति को लेकर ब्रिटेन के पीएम प्रधानमंत्री ऋषि सुनक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्हीं के पार्टी के सांसद ही इसके खइलाफ हो गए हैं। पढ़े पूरा मामला...
ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी में रवांडा सुरक्षा विधेयक को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम सांसद ही पीएम ऋषि सुनक के इस फैसले के खिलाफ दिखाई दे रहे हैं। अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों को अपने पक्ष में करने के लिए आक्रामक रूख अख्तियार किया है। हाउस ऑफ कॉमन्स में विधेयक पर होने वाले शुरुआती चरण के मतदान से पहले ऋषि सुनक ने पार्टी के धुर दक्षिणपंथी टोरी के समर्थक सांसद के लिए एक नाश्ते के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
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हालांकि टोरी ब्रिटेन के मानवाधिकार दायित्वों को खतरे में डालने के लिए अब तक के सबसे सख्त आव्रजन विरोधी कानून को और सख्त किए जाने के खिलाफ हैं। विपक्षी दलों द्वारा खिलाफ मतदान करने की योजना के साथ टोरी विद्रोहियों ने विधेयक को विफल के लिए मंगलवार रात के मतदान में या तो इसके खिलाफ मतदान किया या अनुपस्थित रहे, इसे अपनी ही पार्टी के भीतर सुनक के अधिकार की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं पूर्व रक्षा सचिव बेन वालेस ने पार्टी से बिल के पीछे एकजुट होने का आग्रह करते हुए कहा कि विधेयक कोई चांदी की गोली नहीं है। लेकिन इससे कुछ अवैध अप्रवासियों को अफ्रीका बेजे जाने की संभावना बढ़ जाएगी। हां, हम अदालतों के सामने हार गए, लेकिन हमसे पहले की किसी भी सरकार की तरह हमने मुद्दों को संबोधित किया है।
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एक अन्य पूर्व कैबिनेट सहयोगी जेफ्री कॉक्स ने कहा कि यह बिल एक बड़ी समस्या के समाधान की शुरुआत है। उन्होंने कहा, हमें एकजुट होकर इसमें सुधार करने की जरूरत है लेकिन इसे हासिल करना होगा। पार्टी के दूसरे छोर पर न्यू कंजर्वेटिव समूह इस बात पर जोर देता है कि विधेयक के लिए प्रतिस्थापन की आवश्यकता है।