एशिया के वैभवशाली नगर निकाय में शुमार बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में पार्षदों की संख्या अगले साल फरवरी में होने वाले चुनाव में बढ़ जाएगी। बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में बीएमसी के नौ अतिरिक्त वार्ड बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इससे बीएमसी में पार्षदों की संख्या 227 से बढ़कर 236 हो जाएगी।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार की कैबिनेट ने इससे पहले राज्य की अन्य महानगरपालिका और नगर परिषद में निर्वाचित सदस्यों की संख्या में 17 फीसदी वृद्धि का फैसला किया था। लेकिन उस फैसले में बीएमसी शामिल नहीं थी। मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1888 की धारा 5 में महानगरपालिका में निर्वाचित सदस्यों की संख्या 227 है।
यह संख्या वर्ष 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तय की गई है। उल्लेखनीय है कि 2011 की जनगणना के बाद निर्वाचित सदस्यों की संख्या में बदलाव नहीं किया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2011 के दशक में मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र की आबादी में 3.87 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
इन कारणों के चलते दी गई सीट बढ़ाने की मंजूरी
राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि जनसंख्या में वृद्धि और बढ़ते शहरीकरण पर विचार करते हुए निर्वाचित सदस्यों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसी के अनुरूप कैबिनेट ने निर्वाचित सदस्यों यानी पार्षदों की संख्या बढ़ाकर 236 करने को मंजूरी प्रदान की। वर्ष 2011 की जनसंख्या में मुंबई शहर की आबादी घटी है, वहीं उपनगरों में आबादी बढ़ी है।
अब इन उपनगरों में बढ़ जाएंगी बीएमसी की सीटें
बीएमसी की सीटों में बढ़ोत्तरी के जो मानक तय किए गए हैं उसके तहत पवई में विक्रोली, जोगेश्वरी, लिंक रोड, भांडुप- मुलुंड पश्चिम, विक्रोली कांजूरमार्ग पूर्व, नाहूर और भांडुप पश्चिम, अंधेरी पश्चिम, गोरेगांव पश्चिम, मालाड पश्चिम, कांदिवली और बोरीवली-दहिसर में एक-एक सीट बढ़ेगी।
संभावित हार से डरी हुई है शिवसेना: भातखलकर
मुंबई भाजपा के प्रभारी व विधायक अतुल भातखलकर ने बीएमसी में सीट बढ़ाने की संख्या पर शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव को लेकर शिवसेना में घबराहट है। इसलिए सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यादेश जारी होने वाला है। चूंकि वार्डों की पुनर्रचना शिवसेना के मनमुताबिक नहीं हो पा रही है और चुनाव आयोग ध्यान नहीं दे रहा है। इसलिए सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
तय समय पर चुनाव टालने की कोशिश: शिरसाट
बीएमसी में स्थाई समिति सदस्य व भाजपा पार्षद भालचंद्र शिरसाट ने सवाल किया कि किस आधार सीटें बढ़ाने का फैसला किया गया है। केवल नौ सीटें ही क्यों बढ़ाई गईं। पहले शिवसेना वार्ड रचना में फेरबदल कर चुनाव जीतने की फिराक में थी लेकिन उसका यह दांव सफल नहीं हो पाया। अब फिर से प्रभाग रचना होगी। ठाकरे सरकार का यह निर्णय केवल बीएमसी चुनाव को तय समय से टालने की कोशिश है।