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NIA: नक्सली संगठन के दो शीर्ष नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कही ये बात

Wed, 07 Feb 2024 08:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

NIA: एनआईए ने बुधवार को भाकपा माओवादी के दो शीर्ष नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने उन पर प्रतिबंधित संगठन को बिहार के मगथ जोन में फिर से खड़ा करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। 
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माओवादी नेता प्रमोद मिश्रा - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के दो शीर्ष नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इनमें से एक पोलित ब्यूरो का सदस्य भी शामिल है। मामला बिहार के मगध जोन में संगठन को मजबूत करने की साजिश जुड़ा है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

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एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि भाकपा (माओवादी) के उत्तर क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख और पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा और उप क्षेत्रीय समिति के सदस्य अनिल यादव उर्फ अंकुश के खिलाफ एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मिश्रा और यादव भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज कई मामलों में नामजद हैं। प्रमोद मिश्रा अरुणाचल प्रदेश का रहने वाला है, जबकि अनिल यादव बिहार के गया का रहने वाला है। 

प्रवक्ता ने बताया, मिश्रा के खिलाफ बिहार झारखंड के विभिन्न पुलिस थानों में 47 मामले दर्ज हैं। वहीं, बिहार के अनिल यादव के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला है कि वे क्षेत्र में प्रतिबंधित संगठन को फिर से खड़ा करने के प्रयासों में लगे हुए थे। वे आपस में पत्राचार कर रहे थे और युवाओं को भाकपा (माओवादी) में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसके अलावा, वे इलाके में अपनी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए स्थानीय ईंट-भट्ठा मालिकों से लेवी एकत्र कर रहे थे। 

उन्होंने कहा, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मिश्रा और यादव अन्य सह-आरोपियों के साथ भाकपा (माओवादी) की विचारधारा का प्रचार कर रहे थे। वे गैरकानूनी और हिंसक गतिविधियों में शामिल थे। जिसका मकसद देश में शांति और लोक व्यवस्था को बाधित करना था। उन्होंने बताया कि संगठन का शीर्ष नेता होने के चलते मिश्रा को देशभर में संगठन के वरिष्ठ सदस्यों की ओर से उनके संबंधित क्षेत्रों में गतिविधियों और घटनाक्रमों के बारे में नियमित रूप से जानकारी दी जाती थी। 
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एनआईए ने मामले की जांच पिछले साल 31 अगस्त को अपने हाथ में ली थी। दोनों आरोपियों के कब्जे से नक्सल साहित्य, हस्तलिखित पत्र और मेमोरी कार्ड जब्त किए थे। अधिकारी ने बताया कि जब्त मेमोरी कार्ड में तस्वीरें, पत्र, पत्राचार के साथ ही नक्सली योजनाओं और गतिविधियों से जुड़े संवेदनशील साहित भी मिले थे। 
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