गर्मियों के मौसम के दौरान आम लोगों के तरह तरह की बीमीरियों से जूझना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या है..पेयजल। देश की राजधानी दिल्ली और कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में पानी की विकराल समस्या मुंह सामने खड़ी है। इस बीच कर्नाटक से एक खबर सामने आई है। खबर है कि कर्नाटक के तुमाकुरू जिले के चिन्नेनाहल्ली गांव में दूषित पानी पानी से दो लोगों की मौत हो गई। कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने इस बात की जानकारी दी है। मृतकों के नाम चिक्कादासाप्पा और पेड्डान्ना बताए गए हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
गांव में मेले के दौरान की गई थी पेयजल की सप्लाई
बताया गया है कि 10 जून को चिन्नेनाहल्ली गांव में एक मेले का आयोजन कराया गया था। इस दौरान वहां पानी की टंकी से पेयजल की व्यवस्था की गई थी। बताया गया है कि इस पानी को पीने से सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए थे। बता दें कि गृहमंत्री जी परमेश्वर तुमाकुरू जिले के प्रभारी हैं। उन्होंने उस अस्पताल का दौरा किया, जहां दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोगों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा ‘चिन्नेनाहल्ली गांव में एक मेले का आयोजन किया गया था। वहां दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए। सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत है। कुछ लोगों का इलाज मधुगिरी, कोराटागेर और तुमाकुरू के निजी अस्पतालों में चल रहा है।’ उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी समेत दो लोग निलंबित
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक तीन वर्षीय बच्ची की भी मौत हुई है। इस पर जी परमेश्वर ने कहा कि इस बारे में जानकारी जुटाई जा रहीं हैं। गृहमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और जलापूर्ति करने वाले व्यक्ति को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि गांव में पानी के कनेक्शन का कार्य चल रहा था। इस दौरान कुछ पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी के टैंक के टैंक में दूषित पानी भी चला गया। अस्पताल में अभी भी कई लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं।