डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) को दिए गए एरियर का भुगतान दो बार करके अफसर चुप बैठ गए हैं। प्रदेश के करीब दो लाख जीडीएस को करोड़ों रुपये के रूप में इस एरियर का भुगतान करके बड़े घपले का पर्दाफाश सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के बाद हुआ है।
शिकायत करने के बाद सिर्फ मुरादाबाद मंडल के भुगतान की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। मुरादाबाद मंडल में करीब एक हजार जीडीएस हैं। उत्तर प्रदेश डाक विभाग सर्किल में सबसे बड़े अफसर के तौर पर चीफ पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ में बैठते हैं। प्रदेश में करीब ढाई लाख ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) कर्मचारी के तौर पर कार्य करते हैं।
इन कर्मचारियों के भत्ता बढ़ाने के लिए आरएस नटराजमूर्ति कमेटी की सिफारिशों के लागू होने बाद इनके टीआरसीए (समय संबद्ध निरंतरता भत्ता) में संशोधन किया गया था। इस टीआरसीए में महंगाई भत्ते की दरों को 15 दिसंबर 2009 से लागू किया जाना था। लेकिन एक जनवरी 2006 से नियम विरुद्ध लागू करके जीडीएस को एरियर का भुगतान दो बार कर दिया गया।
पोस्टल समाज उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष खुर्शीदुल हसन ने इसकी शिकायत डाक अधीक्षक मुरादाबाद से की गई, जिसमें पाया गया कि मुरादाबाद मंडल में दो बार भुगतान हुआ है। इसकी शिकायत पोस्टमास्टर जनरल बरेली परिमंडल से की गई। बाद में चीफ पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ से की गई।
ऐसे होता है जीडीएस को भत्ते का भुगतान
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इसके बाद मुरादाबाद मंडल में हुए एरियर भुगतान के घपले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई। यह कमेटी अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है। जबकि चीफ पोस्टमास्टर जनरल के यहां से एक आरटीआई के जरिये मांगी गई सूचना में मुरादाबाद के अलावा प्रदेश के आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, इटावा, एटा अलीगढ़ जिलों में भी इसी तरह एरियर का डबल भुगतान होने की जानकारी दी गई है।
इस तरह प्रदेश के करीब दो लाख जीडीएस कर्मचारियों को डबल एरियर का भुगतान करके करोड़ों रुपये की क्षति हुई है, लेकिन डाक विभाग ने इसकी जांच नहीं कराई है।
ऐसे होता है जीडीएस को भत्ते का भुगतान
ग्रामीण डाक सहायकों (जीडीएस) को वेतन के रूप में टीआरसीए (समय संबद्ध निरंतरता भत्ता) दिया जाता है। इसका निर्धारण प्वाइंट के आधार पर होता है। जैसे एक ग्रामीण डाक सेवक उप पोस्टमास्टर को पहले 2125 से 3125 रुपये तक टीआरसीए मिलता था जिसमें 50 रुपये का महंगाई भत्ता शामिल था।
एक जनवरी 2006 में संशोधन के बाद उसे 4575 से 7125 रुपये तक टीआरसीए मिलने लगा, जिसमें 84 रुपये महंगाई भत्ता था। इसमें 1250 रुपये का फिटमेंट हुआ। इसी तरह अन्य पदों के लिए भी भत्ते निर्धारित हैं। इन भत्तों के एरियर भुगतान को ही दोबारा वितरित कर दिया गया।
इस मामले में लगातार शिकायतों के बाद भी चीफ पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय से जांच की खानापूर्ति की जा रही है। पूछने पर वह पोस्टमास्टर जनरल बरेली पर टाल देते हैं। पोस्टमास्टर जनरल इस मामले में केवल इतना कह रहे हैं कि कमेटी जांच कर रही है। यह जांच अकेले मुरादाबाद मंडल की नहीं पूरे प्रदेश के मंडलों में इस तरह के भुगतान की होनी चाहिए।
- खुर्शीदुल हसन, अध्यक्ष पोस्टल समाज
हमारे पास जीडीएस के एरियर का डबल भुगतान होने की कोई जानकारी नहीं आई है। जिसकी जांच कराई जाए। मुरादाबाद का कोई ऐसा मामला है, जिसकी जांच चल रही है।
- एचके यादव सहायक निदेशक डाक विभाग सर्किल कार्यालय लखनऊ