आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ चार दिनों की लंबी हड़ताल
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आईडीबीआई में चार दिनों की लंबी हड़ताल होने जा रही है। बैंक के निजीकरण के खिलाफ आईडीबीआई बैंक की देश भर में स्थित बैंक की शाखाओं में कामकाज ठप हो सकता है। आईडीबीआई बैंक में काम करने वाल अधिकारी और कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर जा रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना है कि आईडीबीआई बैंक में सरकारी हिस्सेदारी कम करके इस निजी बैंक बना दिया जाए। इसके खिलाफ पहले आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी लामबंद होना शुरू हो गए थे। बैंक में काम करने वाले कर्मचारियों ने अलग-अलग हड़ताल की योजना बनाई है। इस योजना में एक दिन की हड़ताल से लेकर चार दिन तक की हड़ताल की बात कही गई है।
आईडीबीआई बैंक प्रशासन को भी इस बात का एहसास हो गया है इसलिए उसने भी अपने ग्राहकों को ईमेल और मैसेज करके इस बात की सूचना दी है कि अगले चार दिनों तक बैंक का काम प्रभावित हो सकता है। आईडीबीआई बैंक यूनियन और यूनाइटेड प्लेटफॉर्म के मुताबिक इस बाबत दो बार मुंबई के लेबर कमिश्नर से बातचीत हो चुकी है। पर इसमे कोई भी ठोस नतीजा निकला है।
देश भर में आईडीबीआई बैंक में काम करने वाले अधिकारियों की संख्या 17,500 है। अभी यह हड़ताल देश भर में होगी सिर्फ कर्नाटक को छोड़कर। कर्नाटक हाईकोर्ट ने हड़ताल को लेकर रोक लगा दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पहले ही इस बात को साफ कर दिया है कि आईडीबीआई बैंक में सरकारी हिस्सेदारी को 80 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी से लाई जाएगी।