German Chancellor Angela Merkel
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दुनिया के अधितकर देशों में एक व्यक्ति को टीके की दोनों डोज एक ही कंपनी की लग रही है। हालांकि कुछ देश ऐसे भी हैं जहां लोगों को दो डोज अलग-अलग कंपनी की लग रही हैं। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्कल को भी दो अलग-अलग कंपनियों के टीके की दो डोज लगी है, इसका खुलासा हाल ही में हुआ है। मिक्स एंड मैच टीके पर उन देशों ने अधिक भरोसा किया जहां टीके का संकट अधिक था। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि दो अलग-अलग कंपनियों की डोज देने से कोई नुकसान नहीं है। प्रारंभिक परीक्षण में उसके सार्थक नतीजे देखे गए हैं।
दो-अलग-अलग डोज से क्या लाभ
वैज्ञानिकों का कहना है कि टीके की दो डोज में अलग-अलग कंपनियों का टीका इस्तेमाल करना कोई नया नहीं है। किसी टीके की दो अलग-अलग डोज से रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है। दो अलग-अलग वैक्सीन इम्यून सिस्टम को बेहतर ढंग से सक्रिय करने का काम करती हैं। इसके अलावा वो शरीर को इस प्रकार प्रशिक्षित करती है जिससे पैथोजन उसे धोखा नहीं दे सकता है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक एस्ट्राजेनेका, फाइजर, मॉडर्ना और नोवावैक्स के टीके का मिक्स-मैच ट्रायल कर रहे हैं। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने हाल ही मिक्सड बूस्टर डोज का परीक्षण शुरू किया है। रूस एस्ट्राजेनेका के साथ स्पूतनिक वी का परीक्षण कर रहा है। स्पेेन में एस्ट्राजेनेका और फाइजर का टीका लगवाने वाले लोगों में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडीज मिली थीं, इससे बेहतर की उम्मीद कर सकते हैं।
क्या ये सुरक्षित हैं
एक व्यक्ति को दो कंपनियों को टीके की अलग-अलग डोज से हल्के और मध्यम दुष्प्रभाव देखे गए हैं। इसमें बुखार, थकान, सिर दर्द आदि की संभावना अधिक है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दुष्प्रभाव मजबूत इम्युनिटी के सक्रिय होने का संकेत है। आमतौर पर मिक्स-मैच टीके के साइड इफेक्ट्स 48 घंटे बाद खत्म हो जाते हैं। स्पष्ट आंकड़े आने के बाद इसकी सुरक्षा का पता चलेगा।