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कुदरत का करिश्मा: नाव हादसे में जुड़वां बेटियों को गंवा चुके दंपती के घर दो साल बाद उसी दिन पैदा हुईं जुड़वां बेटियां

Mon, 20 Sep 2021 03:47 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, विशाखापट्टनम।

सार

भाग्यलक्ष्मी और उनके पति शीशा बनाने वाली कंपनी में कर्मचारी हैं। पिछले साल उन्होंने एक आईवीएफ के जरिये बच्चा लाने की योजना बनाई तथा एक केंद्र से संपर्क किया। उन्हें 15 सितंबर, 2021 को जुड़वां बच्चों की सौगात मिली।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोदावरी नदी में 15, सितंबर 2019 को हुए एक नाव हादसे में अपनी दो जुड़वां बेटियों को खो चुके दंपती टी अप्पाला राजू और भाग्यलक्ष्मी को दो साल बाद किस्मत ने उसी दिन जुड़वां बेटियों से नवाजा है। नाव हादसे में अपनी जुड़वां बच्चियों को खो चुके दंपती पूरी तरह निराशा के अंधकार में डूब चुके थे मगर ये बच्चियां उनके जीवन में फिर से प्रकाश की किरण बनकर लौटी हैं। 

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उनके मुताबिक यह ईश्वर की उनपर अपार कृपा है। भाग्यलक्ष्मी के खुशी का ठिकाना नहीं है, वह कहती हैं, ईश्वर की हम पर यह अप्रत्याशित कृपा है। हम बहुत खुश हैं। अप्पाला की मां अपनी पोतियों को तेलंगाना के भद्राचलम स्थित भगवान राम के मंदिर लेकर जा रही थीं। लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। उस भयानक नाव हादसे में तीनों की मौत हो गई। 

भाग्यलक्ष्मी ने कहा, हमने जुड़वां बच्चों की उम्मीद नहीं की थी, लेकिन यह आशीर्वाद है। डॉ. सुधा पद्मश्री ने कहा कि इस मामले को चुनौती और प्राथमिकता के तौर पर लिया गया था। अप्पाला दंपती ने भी पूरा सहयोग किया। बच्चों का वजन 1.9 और 1.6 किलोग्राम है और दोनों स्वस्थ हैं।

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