मुंबई की अदालत ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ पुलिस अधिकारी की मानहानि याचिका को खारिज कर दिया है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में कवरेज के दौरान किए गए दावे को लेकर पुलिस आयुक्त अभिषेक त्रिमुखे ने अर्नब के खिलाफ यह याचिका दायर की थी। कोर्ट ने एक अप्रैल को याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन इस संबंध में विस्तृत आदेश बृहस्पतिवार को उपलब्ध कराया गया। त्रिमुखे ने याचिका में कहा था कि गोस्वामी ने पिछले वर्ष जून में राजपूत की मौत मामले की कवरेज के दौरान सरासर झूठे, द्वेषपूर्ण और मानहानि करने वाले बयान दिए थे।
एडिशनल सेशन जज उदय पडवाड ने कहा कि त्रिमुखे की शिकायत सीआरपीसी की धारा 199 (2) के प्रावधान के अनुरूप नहीं है, जिस पर अदालत संज्ञान ले सके। डीसीपी ने याचिका खुद ही दाखिल की है और इसे सरकारी वकील के माध्यम से दायर नहीं किया गया है। सीआरपीसी की धारा 199 (2) का यह प्रावधान किसी लोक सेवक के सार्वजनिक कार्य के निष्पादन में कथित रूप से बाधा डालने के संबंध में है, जिसमें अदालत लोक अभियोजक द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराने पर ऐसे अपराध का संज्ञान ले सकती है। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत को मजिस्ट्रेट की अदालत में ले जा सकता है।
खुदकुशी मामले में अर्रनब की अंतरिम राहत बढ़ी
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में अर्नब को अंतरिम सुरक्षा देने के आदेश को बढ़ा दिया था। साथ ही उन्हें अलीबाग की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होने से भी छूट प्रदान कर दी। अलीबाग के इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नायक आत्महत्या मामले में अर्र्नब के अलावा फिरोज शेख और नीतीश सारदा अन्य आरोपी हैं। नायक ने आरोपियों की कंपनियों से बकाया भुगतान नहीं होने पर मई 2018 में खुदकुशी कर ली थी। हाईकोर्ट ने 5 मार्च को तीनों आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश होने से छूट दे दी। कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को करेगा।