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त्रिपुरा हाईकोर्ट: जीव जंतुओं से क्रूरता पर सख्त, कहा- खुले में रोकें पशुवध व मांस की बिक्री, अवैध दुकानें बंद करें

Mon, 22 Nov 2021 05:35 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, अगरतला

सार

नगर निगम व पशुपालन विभाग को भी त्रिपुरा की राजधानी में ही चल रही पालतू जानवरों की अवैध दुकानें व ब्रीडिंग सेंटर बंद करने का आदेश दिया गया है।पहली याचिका अरिजित भौमिक ने दायर कर बताया कि राजधानी की सड़कों व फुटपाथों पर कई जानवरों व मछलियों को मांसाहार के लिए मार कर बेचा जा रहा है। ऐसा करने वालों के पास नगर निगम का लाइसेंस तक नहीं है।
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त्रिपुरा हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दो याचिकाओं की सुनवाई के बाद त्रिपुरा हाईकोर्ट ने जीवों से हो रही क्रूरता के खिलाफ दो कड़े आदेश दिए। इनमें राज्य सरकार व अगरतला नगर निगम को मांसाहार के लिए उपयोग होने वाले जीवों का खुले में वध रोकने के लिए कहा गया। नगर निगम व पशुपालन विभाग को भी त्रिपुरा की राजधानी में ही चल रही पालतू जानवरों की अवैध दुकानें व ब्रीडिंग सेंटर बंद करने का आदेश दिया गया है।

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पहली याचिका अरिजित भौमिक ने दायर कर बताया कि राजधानी की सड़कों व फुटपाथों पर कई जानवरों व मछलियों को मांसाहार के लिए मार कर बेचा जा रहा है। ऐसा करने वालों के पास नगर निगम का लाइसेंस तक नहीं है। वहीं निगम ने बताया उसने निर्धारित स्थल बनाकर वहां लाइसेंस लेकर मांसाहार की दुकानें चलाने की अनुमति दी हुई है।

जरूरी होने पर और लाइसेंस दिए जाते हैं। चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती ने 9 नवंबर को दिए आदेश में कहा कि सड़कों पर पशु वध व मांसाहार की गैर-कानूनी बिक्री निगम तत्काल रुकवाए। इन लोगों को निर्धारित स्वच्छ स्थानों पर शिफ्ट करें। लाइसेंस भी पात्राें को ही दें। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। निगम से चार हफ्ते में अनुपालना रिपोर्ट मांगी। 
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वन्यप्राणी भी बेचे जा रहे
एक अन्य याचिका में बताया गया कि अगरतला में 12 अवैध दुकानों पर पालतू पशु व संरक्षित वन्य जीव बेचे जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इन्हें तत्काल बंद करवाने का आदेश देते हुए पशुपालन विभाग, पशु कल्याण बोर्ड और निगम को दो हफ्ते में अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा।
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