विकास से जुड़ी नीतियां, अर्थव्यवस्था, सिनेमा, खेल और अध्यात्म जैसे विषयों पर सारगर्भित चर्चा के लिए पहचाने जाने वाले 'अमर उजाला संवाद' का मंच एक बार फिर तैयार है। पहली बार यह संवाद भारत के हृदय यानी मध्य प्रदेश में होने जा रहा है। 26 जून यानी आज राजधानी भोपाल के ताज लेकफ्रंट होटल में यह 'संवाद' होगा, जहां अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां जुटेंगी और मध्य प्रदेश के विकास समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगी। इसके अलावा, चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही चीन के बंदरगाह शहर किंगदाओ पहुंच चुके हैं। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवां घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में गंभीर तनाव आने के बाद किसी वरिष्ठ भारतीय मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। इसके अलावा, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए सफल उड़ान भरने के साथ ही नया इतिहास रच दिया। तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रवाना हुए शुभांशु की यह यात्रा 41 साल बाद किसी भारतीय की पहली अंतरिक्ष यात्रा है। साथ ही आईएसएस की यात्रा करने वाले वह पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर...
भोपाल में अमर उजाला संवाद आज; होटल ताज लेक फ्रंट में जुटेंगी दिग्गज हस्तियां
विकास से जुड़ी नीतियां, अर्थव्यवस्था, सिनेमा, खेल और अध्यात्म जैसे विषयों पर सारगर्भित चर्चा के लिए पहचाने जाने वाले 'अमर उजाला संवाद' का मंच एक बार फिर तैयार है। पहली बार यह संवाद भारत के हृदय यानी मध्य प्रदेश में होने जा रहा है। 26 जून यानी आज राजधानी भोपाल के ताज लेकफ्रंट होटल में यह 'संवाद' होगा, जहां अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां जुटेंगी और मध्य प्रदेश के विकास समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगी। पढ़ें पूरी खबर...
चीन में एससीओ सम्मेलन में आतंकवाद से जंग में व्यापक सहयोग का आह्वान करेंगे राजनाथ
चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही चीन के बंदरगाह शहर किंगदाओ पहुंच चुके हैं। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवां घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में गंभीर तनाव आने के बाद किसी वरिष्ठ भारतीय मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ जंग में व्यापक सहयोग की वकालत करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
Axiom-4: 28 घंटे की यात्रा के बाद आज शाम ISS से जुड़ेगा फाल्कन-9
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए सफल उड़ान भरने के साथ ही नया इतिहास रच दिया। तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रवाना हुए शुभांशु की यह यात्रा 41 साल बाद किसी भारतीय की पहली अंतरिक्ष यात्रा है। साथ ही आईएसएस की यात्रा करने वाले वह पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा रूसी अंतरिक्ष यान सोयूज के जरिये अंतरिक्ष में गए थे। पढ़ें पूरी खबर...
पहाड़ पर बारिश का कहर, हिमाचल में बादल फटे तो उत्तराखंड में भूस्खलन से तबाही
दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहर बरपा रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जोरदार बारिश हो रही है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लोग अभी भी टकटकी लगाए मानसून की राह ताक रहे हैं। मौसम विभाग भी रोज मानसून के आने की भविष्यवाणी कर रहा है लेकिन बादल हैं कि बिन बरसे ही उड़ जा रहे। अब एक बार फिर मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आज दिल्ली और पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून आ सकता है जिससे बारिश होगी और गर्मी से जूझते लोगों का इंतजार खत्म होगा। पढ़ें पूरी खबर...
Axiom-4: पृथ्वी से आईएसएस की दूरी 403 किमी तो फिर पहुंचने में इतना समय क्यों
पृथ्वी से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की दूरी करीब 403 किलोमीटर है लेकिन ड्रैगन यान को इस दूरी को तय करने के लिए करीब 28.5 घंटे लग जाएंगे। इतनी कम दूरी को तय करने में इतना समय इस वजह से लगेगा क्योंकि यान को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बचने और सही कक्षा में प्रवेश करने के लिए बहुत अधिक गति और ऊर्जा की आवश्यकता होगी और साथ ही आईएसएस के साथ यान की डॉकिंग बहुत ही सटीक और जटिल प्रक्रिया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) की पृथ्वी से करीब 403 किमी की ऊंचाई पर है। आईएसएस 27,800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती का चक्कर लगाता है। यानी आईएसएस 90 मिनट में धरती का एक चक्कर लगाता है। पढ़ें पूरी खबर...
Operation Sindhu: ईरान से 296 भारतीय, चार नेपाली नागरिक निकाले गए
संकटग्रस्त ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंधु चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत बुधवार को ईरान से 296 भारतीयों नागरिकों और चार नेपाली नागरिकों को लेकर एक विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंची। सुरक्षित वतन वापसी पर संकटग्रस्त ईरान से निकलने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे। किसी ने भगवान का शुक्रिया अदा किया तो किसी ने भारतीय दूतावास की जमकर सराहना की। ऑपरेशन सिंधू के तहत अब तक ईरान से 3,154 भारतीय नागिरकों को निकाला जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर...
मेक्सिको के हिंसाग्रस्त इलाके में सामूहिक गोलीबारी; 12 लोगों की मौत
मेक्सिको के मध्य में स्थित हिंसाग्रस्त शहर इरापुआटो में मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) रात को सामूहिक गोलीबारी हुई। गोलीबारी में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मरने वालों में एक 17 साल का किशोर भी शामिल है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
'ऑपरेशन सिंदूर रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण'; पीएम का मेक इन इंडिया पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का एक सशक्त प्रमाण है। वह बुधवार को यहां प्रगति की 48वीं बैठक में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। केंद्र की प्रगति पहल का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को एकीकृत करके सक्रिय शासन और समय पर कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है। पढ़ें पूरी खबर...
Iran: ईरान ने आंशिक रूप से खोला अपना हवाई क्षेत्र
ईरान ने बुधवार को देश के पूर्वी हिस्से में अपना हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया। यह फैसला तब लिया गया जब इस्राइल के साथ 12 दिनों की लड़ाई के बाद युद्ध विराम हो गया। 13 जून को, इस्राइल द्वारा एक बड़ा हवाई हमला शुरू करने के बाद ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए थे। दोनों के बीच युद्ध विराम मंगलवार को लागू हुआ। पढ़ें पूरी खबर...
War: तेहरान से लेकर तेल अवीव तक..इस्राइल-ईरान युद्ध में हर तरफ तबाही के निशान
इस्राइल-ईरान सैन्य संघर्ष हाल के दशकों का सबसे विनाशकारी युद्ध बनकर उभरा है। यह हवाई और तकनीकी टकराव न केवल हथियारों की ताकत का प्रदर्शन था, बल्कि इसकी वजह से अरबों डॉलर की आर्थिक क्षति, नागरिक क्षेत्रों की बर्बादी और रणनीतिक अस्थिरता की एक भयावह तस्वीर सामने आई है। पढ़ें पूरी खबर...