आज देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम है। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले शुक्रवार को मशहूर सैंड (रेत) कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी के समुद्र तट पर भगवान गणेश की रेत से मूर्ति बनाकर भगवान के प्रति श्रद्धा भाव अर्पित किया। सुदर्शन पटनायक ने इस मूर्ति को बनाने में 20 प्रकार के फलों का इस्तेमाल किया और वैश्विक शांति का संदेश दिया।
भारतीय थलसेना को मिले 297 अधिकारी
चेन्नई स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) में शनिवार को आयोजित हुए एक समारोह में 258 कैडेट अधिकारी और 39 महिला कैडेट अधिकारी भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों और सेवाओं में शामिल हो गए। ओटीए के परमेश्वरन ड्रिल स्क्वायर में आयोजित 'पासिंग आउट परेड' का निरीक्षण सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राज सुब्रमणि ने किया।
पासिंग आउट परेड में मित्रवत देशों के दस कैडेट अधिकारियों और पांच कैडेट अधिकारियों (महिला) ने भी सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया। कैडेट अधिकारी संस्थान में 'शॉर्ट सर्विस कमीशन कोर्स' के 118वें बैच तथा शॉर्ट सर्विस कमीशन कोर्स (महिला) के 32वें बैच और अन्य समकक्ष पाठ्यक्रमों से संबंधित थे।
थल सेना उपप्रमुख ने अपने संबोधन में कैडेट अधिकारी और ओटीए कर्मियों की अनुकरणीय उपलब्धियों के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा, 'आपको जल्द ही दुनिया के कुछ बेहतरीन सैनिकों की कमान संभालने का सौभाग्य प्राप्त हुआ होगा। ये सैनिक आपकी सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं। अब आपको उनके जीवन और कल्याण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसलिए, अपनी कमान को युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कुशल, अनुशासित और धैर्यवान बनाएं।'
गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शनिवार को मुंबई के एक पुलिस इंस्पेक्टर पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी की ओर से काम करने वाले एक बिचौलिए को राजकोट शहर में एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत शुक्रवार को मुंबई के माटुंगा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर दिगंबर पगार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
एसीबी ने एक बयान में बताया कि दिगंबर पगार ने राजकोट के एक निवासी को माटुंगा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में किए गए अपराध के संबंध में अपना बयान दर्ज करने के लिए एक नोटिस भेजा था। एसीबी ने बताया, 'पुलिस इंस्पेक्टर की ओर से काम करने वाले बिचौलिए जयमिन सावलिया ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और उससे कहा कि वह पगार को जानता है और अगर वह नोटिस के कारण गिरफ्तार नहीं होना चाहता और परेशान नहीं होना चाहता तो उसने उससे 10 लाख रुपये मांगे।'
शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने बताया कि एसीबी अधिकारियों ने यहां जाल बिछाया और सावलिया को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये लेते समय रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया तथा पगार को फोन कर पैसे मिलने की जानकारी दी।