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Udpates: गुजरात सरकार ने आणंद जिले के कलेक्टर को किया निलंबित; ED ने जब्त किए खनन कारोबारी के एस्टेट शेयर

Wed, 09 Aug 2023 10:49 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Udpates: गुजरात सरकार ने आणंद जिले के कलेक्टर डी एस गढ़वी को कदाचार और नैतिक कदाचार के गंभीर आरोपों में बुधवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। 
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D S Gadhvi - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गुजरात सरकार ने आणंद जिले के कलेक्टर डी एस गढ़वी को कदाचार और नैतिक कदाचार के गंभीर आरोपों में बुधवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

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अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम-1969 के अनुसार राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने आज शाम गढ़वी के निलंबन का आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि 2008 बैच के आईएएस अधिकारी (पदोन्नत) गढ़वी को कदाचार और नैतिक कदाचार के गंभीर आरोपों के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में यह नहीं बताया गया है कि उन्हें किस वजह से निलंबित किया गया। गढ़वी के निलंबन के बाद आणंद के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) मिलिंद बापना को अगले आदेश तक कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

नई दिल्ली: दिवंगत खनन कारोबारी अनिल सालगांवकर के एस्टेट शेयर जब्त
प्रवर्तन निदशालय ने 5,718 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति मामले में विदेशी मुद्रा कानून के तहत गोवा के दिवंगत खनन कारोबारी अनिल सालगांवकर के एस्टेट के शेयरों को जब्त किया है। ईडी के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की धारा 37ए (1) के तहत जब्ती आदेश जारी किया गया है। सालगांवकर एस्टेअ की 33 कंपनियों के पास 441 अचल संपत्तियां हैं जो मुख्य रूप से गोवा और कुछ महाराष्ट्र (मुंबई) और कर्नाटक में स्थित हैं।

ईडी में मुताबिक दिवंगत अनिल सालगांवकर की सभी 33 कंपनियों में उनकी संपत्ति में स्थानांतरित की गई पूरी हिस्सेदारी, जो 0.1 फीसदी से 99.9 प्रतिशत तक है, जब्त कर ली गई है। सालगांवकर की मृत्यु 2016 में हुई थी। सालगांवकर के खिलाफ पनामा पेपर लीक और पेंडोरा पेपर लीक का संज्ञान लेने के बाद जांच शुरू की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि गोवा के निवासी अनिल वासुदेवा सालगांवकर ने कई बीवीआई (ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स) कंपनियों को शामिल किया था। 

ईडी ने कहा, सालगांवकर के पास गोवा और कर्नाटक में खदानें हैं और इन खदानों से उत्पादित लौह अयस्क को उनके भारतीय समूह की कंपनियों के माध्यम से विशेष रूप से बीवीआई और सिंगापुर में स्थित एसपीवी (विशेष प्रयोजन वाहन) को बेचा/निर्यात किया गया था। इन एसपीवी को भारतीय अधिकारियों के समक्ष घोषित नहीं किया गया। यही नहीं इन एसपीवी ने भारत में उत्पादित लौह अयस्क की बिक्री चीन को की जिससे लाभ भारत के बाहर स्थानांतरित हो गया।

एजेंसी ने कहा, सालगांवकर की पांच बीवीआई कंपनियों ने सालगांवकर की लौह अयस्क व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से लगभग 690,650,641 अमेरिकी डॉलर (लगभग 5,718 करोड़ रुपये) का लाभ कमाया और इस लाभ के बारे में भारतीय अधिकारियों को नहीं बताया गया। इसलिए, विदेशी मुद्रा प्राप्त करके और भारत के बाहर संपत्ति रखकर, दिवंगत अनिल सालगांवकर ने 69,06,50,641 अमेरिकी डॉलर की कुल राशि के लिए फेमा, 1999 की धारा 4 के प्रावधानों का उल्लंघन किया।

मुंबई: आईएस आतंकी मॉड्यूल मामले में पकड़े गए पांच आरोपियों को एनआईए हिरासत में भेजा
मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को महाराष्ट्र आईएस मॉड्यूल और आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को 14 अगस्त तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। एनआईए ने मामले की जांच महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) से अपने हाथ में ली है। एजेंसी ने आरोपियों, मोहम्मद इमरान मोहम्मद यूनुस खान, मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी, कादिर दस्तगीर पठान, सिमा नसरुद्दीन काजी और जुल्फिकार अली बड़ौदावाला को यहां विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया। 

एजेंसी ने इस आधार पर आरोपियों की नौ दिनों की हिरासत की मांग की कि मामले की आगे की जांच करने और उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है। विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश एएम पाटिल ने पांचों आरोपियों को 14 अगस्त तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया।

गोवा: अवैध कॉल सेंटर चलाने के आरोप में 18 गिरफ्तार
पणजी के बाहरी इलाके पोरवोरिम गांव में अवैध कॉल सेंटर चलाने और कई अमेरिकी नागरिकों को ठगने के आरोप में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैकेट के सरगना सागर मेहतानी और उसकी पत्नी बंसारी तनावानी अमेरिका में रहते हैं।

उन्होंने बताया कि गोवा पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार की दरम्यानी रात पोरवोरिम गांव के तोरदा इलाके में स्थित एक बंगले पर छापा मारा और फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले 18 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी व्यक्ति अपने देश में विभिन्न प्रकार के ऋण प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत अपने आवेदनों के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों के व्यक्तिगत विवरण प्राप्त कर रहे थे।
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उन्होंने कहा,'आरोपी व्यक्ति उन्हें ऋण देने के बहाने ई-लोन कंपनी या मर्चेंट कैश एडवांस कंपनी का कर्मचारी बताकर उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप पर इंस्टॉल किए गए गूगल वॉयस एप्लिकेशन के माध्यम से उन्हें कॉल कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि फर्जी कॉल सेंटर संचालक अपने पीड़ितों को क्रेडिट साइज पर 10 प्रतिशत प्रोसेसिंग फीस/सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान करके आवश्यकताओं के अनुसार ऋण प्राप्त करने के लिए राजी करते थे।
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