तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। जमीन खो रही अन्नाद्रमुक को फिर से खड़ा करने के लिए दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की वफादार और पार्टी की पूर्व महासचिव शशिकला ने कमर कस ली है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही राजनीति में दोबारा कदम रखने की घोषणा से सभी को चौंका दिया था।
अब खबर है कि वह पार्टी के स्वर्ण जयंती वर्ष से ठीक एक दिन पहले 16 अक्तूबर को मरीना बीच स्थित जयललिता मेमोरियल का दौरा करेंगी। इसके बाद 17 अक्तूबर को वह पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन के घर भी जाएंगी और पार्टी के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगीं।
पहले राजनीति से दूर रहने की घोषणा की थी
शशिकला ने साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह अब राजनीति से दूर रहेंगी। उन्होंने यह फैसला इसलिए किया था क्योंकि पार्टी अंत:कलह से जूझ रही थी और वह नहीं चाहती थीं कि पार्टी को और भी ज्यादा नुकसान हो, लेकिन एआईएडीएमके के विधानसभा चुनाव हारने के बाद शशिकाल ने घोषणा की कि वह पार्टी को एकजुट करने के लिए फिर से राजनीति में वापसी कर रही हैं।
विरोधी खेमे का पहले से मिला समर्थन
सूत्रों के अनुसार, शशिकला ने जल्द ही राज्य का दौरा करने का भी फैसला लिया है। इस फैसले के बाद से ही विरोधी खेमें में हलचल बढ़ गई है। खबर है कि विरोधी पलानीस्वामी खेमे के पूर्व मंत्रियों ने उनका अभी से समर्थन कर दिया है।
मतभेदों के बाद पार्टी से हुई थीं दूर
अन्नाद्रमुख के शीर्ष नेताओं पलानीस्वामी और ओ पनीरसेल्वम के बीच मतभेदों की खबरें सामने आई थी। इन खबरों से पार्टी को काफी नुकसान हुआ है। इसी के चलते शशिकला ने पार्टी से दूरी बना ली थी और खुद को राजनीति से भी दूर कर लिया था, लेकिन उन्होंने एक बार फिर से राजनीति में उतरने की घोषणा कर दी है।