एक जमाने में कुख्यात डाकुओं के लिए बदनाम चंबल अब विकास की नई ईबारत लिखेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश में 300 किलोमीटर लंबे चंबल एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे चंबल घाटी से होते हुए जाएगा।
मध्यप्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय भूतल एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुए मुलाकात में छह लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण का फैसला लिया गया। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 किलोमीटर लंबा चंबल एक्सप्रेस-वे छह लेन में बनाया जाएगा।
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एक्सप्रेस-वे का राइटऑफ 100 मीटर का होगा और इसमें 2500 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें से लगभग 50 फीसदी जमीन सरकारी है, जिसके अधिग्रहण की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि चंबल एक्सप्रेस-वे ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट से चंबल नदी के किनारे बीहड़ों से होकर गुजरेगा।
यह एक्सप्रेस-वे स्टेट हाईवे 6 पर पाली से शुरू होकर नेशनल हाईवे 92 से उत्तर प्रदेश से जुड़ेगा। एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश को एक तरफ से उत्तर प्रदेश से और दूसरी तरफ से राजस्थान से जोड़ेगा। इससे मध्यप्रदेश के भिण्ड, मुरैना, श्योपुर और चंबल क्षेत्र को काफी फायदा होगा। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने 1265 किलोमीटर की प्रस्तावित छह लेन वाले नर्मदा एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर भी चर्चा की।