राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 30 नवंबर को लिखी चिट्ठी में लिखा था कि लगातार पांचवे संसद सत्र में चुनिंदा मीडिया को ही संसद में आने दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ पत्रकारों के सेंट्रल हॉल में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने गुरुवार को संसद में मीडिया की आजादी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि मैं टीएमसी की ओर से दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक टेलीविजन कवरेज में सुधार करने की अपील करना चाहता हूं। टीवी पर सभी विरोधों को सेंसर कर दिया गया है और हम इस सेंसरशिप को रोकने की मांग करते हैं, संसद को बंद कक्ष में नहीं बदला जा सकता।
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खड़गे ने भी मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर वेंकैया नायडू को लिखा था पत्र
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर संसद में मीडिया पर रोक लगाने का आरोप लगाया था। उन्होंने 30 नवंबर को लिखी चिट्ठी में लिखा है कि लगातार पांचवे संसद सत्र में चुनिंदा मीडिया को ही संसद में आने दिया जा रहा है जबकि वरिष्ठ पत्रकारों के सेंट्रल हॉल में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खड़गे ने कहा कि जो पत्रकार चुनिंदा नहीं होते उन्हें सांसदों से या तो बिल्कुल ही बात करने की ही नहीं दी जाती या फिर बहुत कम चर्चा करने का मौका दिया जाता है। राज्यसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में खड़गे ने कहा कि कई ऐसे उदाहरण उदाहरण सामने आए हैं जो बताते हैं कि मीडिया को संसद के ‘मंदिर’ में जाने से रोका जा रहा है।
पत्र में आगे खड़गे ने लिखा कि प्रेस गैलरी में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए बैठने की व्यवस्था को सही करना हमें स्वीकार्य है लेकिन संसद के परिसर में केंद्रीय हॉल और लाइब्रेरी तक मीडिया के पहुंच को प्रतिबंधित करना स्वीकार्य नहीं है। इसलिए मेरा आपसे निवेदन है कि इस मामले को सुलझाएं ताकि मीडिया बिना किसी रोक-टोक के पहले की तरह अपनी जिम्मेदारी निभा सके।